ईरान युद्ध जैसे वैश्विक तनाव के बीच केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क मोड में नजर आ रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में देश की आपूर्ति व्यवस्था और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर आम लोगों पर कम से कम पड़े, इसके लिए सभी जरूरी कदम तुरंत उठाए जाएं। खासतौर पर उन्होंने गलत सूचना और अफवाह फैलाने वालों को लेकर सख्ती बरतने को कहा और जोर दिया कि लोगों तक सही, स्पष्ट और समय पर जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है।इस उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री Amit Shah, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman और विदेश मंत्री S. Jaishankar सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है और बिजली की जरूरतों को पूरा करने में कोई समस्या नहीं होगी।
इसके साथ ही LPG और LNG की सप्लाई को कई स्रोतों से सुनिश्चित करने, ईंधन शुल्क में संभावित राहत और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अन्य उपायों पर भी चर्चा की गई।बैठक में कृषि, उर्वरक, शिपिंग, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और MSME सेक्टर से जुड़ी चुनौतियों पर भी रणनीति बनाई गई। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बेहतर समन्वय के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं।
उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए यूरिया उत्पादन जारी रखने और DAP/NPK जैसे उर्वरकों के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि देश में किसी तरह की कमी न हो।इस तरह सरकार का फोकस साफ है, संकट के समय में व्यवस्था को मजबूत रखना, अफवाहों पर रोक लगाना और आम जनता तक सही जानकारी पहुंचाना।

