मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू बाजार में बिकवाली हावी रही, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
दो कारोबारी सत्रों की लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 616.15 अंक टूटकर 76,946.97 अंक पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 190.50 अंक फिसलकर 24,015 अंक पर कारोबार करता दिखाई दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई और व्यापार घाटे को प्रभावित कर सकती हैं। इसी आशंका के चलते निवेशकों ने बाजार में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और बजाज फिनसर्व के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एनटीपीसी, एचसीएल टेक और पावर ग्रिड के शेयर बढ़त में कारोबार कर रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 3.96 प्रतिशत बढ़कर 79.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे निवेशकों की धारणा पर दबाव पड़ा है। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक करीब सात प्रतिशत टूट गया। जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी नुकसान में कारोबार कर रहे थे।
अमेरिका के शेयर बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 2,603.72 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीद की। इससे पहले शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 827.57 अंक की तेजी के साथ 77,569.39 अंक पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 244.10 अंक चढ़कर 24,206.90 अंक पर बंद हुआ था।

