मुंबई। ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा-शिवसेना महायुति ने शानदार जीत दर्ज करते हुए बैंक की कमान अपने हाथ में ले ली। इस जीत को भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक रविंद्र चव्हाण तथा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की रणनीतिक राजनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
संचालक मंडल के चुनाव के बाद हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में महायुति ने स्पष्ट बहुमत के बल पर अपना उम्मीदवार निर्वाचित कराया। बैंक की कार्यकारिणी के चुनाव में सहकार पैनल और परिवर्तन पैनल के बीच सीधा मुकाबला था। लंबे समय से बैंक पर प्रभाव बनाए हुए बहुजन विकास आघाड़ी को चुनौती देने के लिए भाजपा और शिवसेना ने दोनों पैनलों में अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे।
चुनाव परिणाम में दोनों पैनलों को मिलाकर भाजपा-शिवसेना महायुति के 14 उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि बहुजन विकास आघाड़ी को सात सीटों पर सफलता मिली। इसके बाद अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी सरगर्मी रही।
अध्यक्ष पद के चुनाव में महायुति के सभी 14 सदस्यों ने एकजुट होकर मतदान किया, जबकि बहुजन विकास आघाड़ी के सात सदस्यों ने अपने प्रत्याशी का समर्थन किया। चुनाव की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि कार्यकारिणी चुनाव में अलग-अलग पैनलों से मैदान में उतरे भाजपा नेता किसन कथोरे और कपिल पाटील अध्यक्ष पद के चुनाव में एक साथ महायुति के पक्ष में खड़े दिखाई दिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की प्रभावी समन्वय क्षमता और रणनीतिक नेतृत्व का परिणाम है।
हालांकि, चुनाव के दौरान शिवसेना के एक सदस्य के मतदान में विचलन की चर्चा भी रही, जिसे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए मामूली राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इसके बावजूद महायुति ने स्पष्ट बहुमत के साथ अध्यक्ष पद पर कब्जा बरकरार रखा।
चुनाव परिणाम के अनुसार अरुण बालू पाटील ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के नए अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि भाग्यश्री निलेश भोईर उपाध्यक्ष चुनी गईं। इस जीत के साथ ठाणे के सहकार क्षेत्र में भाजपा-शिवसेना महायुति की राजनीतिक पकड़ और मजबूत होने के संकेत मिले हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह परिणाम आने वाले स्थानीय निकाय और सहकारी संस्थाओं के चुनावों में भी महायुति के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आया है।पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल की महंगाई से शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 616 अंक लुढ़का
मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू बाजार में बिकवाली हावी रही, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
दो कारोबारी सत्रों की लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 616.15 अंक टूटकर 76,946.97 अंक पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 190.50 अंक फिसलकर 24,015 अंक पर कारोबार करता दिखाई दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई और व्यापार घाटे को प्रभावित कर सकती हैं। इसी आशंका के चलते निवेशकों ने बाजार में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और बजाज फिनसर्व के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एनटीपीसी, एचसीएल टेक और पावर ग्रिड के शेयर बढ़त में कारोबार कर रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 3.96 प्रतिशत बढ़कर 79.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे निवेशकों की धारणा पर दबाव पड़ा है। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक करीब सात प्रतिशत टूट गया। जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी नुकसान में कारोबार कर रहे थे।
अमेरिका के शेयर बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 2,603.72 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीद की। इससे पहले शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 827.57 अंक की तेजी के साथ 77,569.39 अंक पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 244.10 अंक चढ़कर 24,206.90 अंक पर बंद हुआ था।

