इंदौर। जिस तेजी से इंदौर शहर बढ़ रहा है और जल्द ही मेट्रो का रूप लेने जा रहा उसे देखते हुए जिला कोर्ट को भी दो भागी में बांटे जाने की मांग जोर पकड़ रही है। पक्षकार, गवाह और वकीलों की भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए इसकी जरूरत भी महसूस की जा रही है।
वर्तमान में जिला कोर्ट एमजी रोड पर संभागायुक्त कार्यालय के समीप स्थित बिल्डिंग में चल रही है। यहाँ करीब 38 एडीजे कोर्ट सहित सौ से अधिक कोर्ट्स है। यहां जगह की कमी को देखते हुए पिपलियाहाना में नई जिला कोर्ट बिल्डिंग तैयार हो रही है जो लगभग अंतिम चरण में है। फिलहाल जो योजना है उसके मुताबिक एमजी रोड वाली जिला कोर्ट यहां शिफ्ट हो जाएगी। लेकिन अब जिस तेजी से शहर बड़ा है उसके चलते चारों तरफ कालोनियां भी दूर दूर तक फैल गई है। ऐसे में एमजी रोड से पिपलिया हाना जिला कोर्ट शिफ्ट करने में पूर्व क्षेत्र के रहवासियों को तो सुविधाजनक रहेगा लेकिन सबसे अधिक दिक्कत शहर के पश्चिम एवं मध्य क्षेत्र के पक्षकार, गवाह और वकीलों को हो जाएगी क्योंकि इनके लिए पिपलिया हाना तक आना, जाना टेढ़ी खीर रहेगा। इससे आर्थिक खर्च बढ़ने के साथ ही अधिक समय लगने, आवागमन के समुचित साधन ना मिलने आदि समस्याएं बढ़ जाएगी।
दो भागो में बांट सकते है
जैसे पुलिस विभाग को पूर्वी, पश्चिम आदि क्षेत्रों के हिसाब से कार्य विभाजन कर दिया गया है, जैसे संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए विभिन्न इलाकों में ऑफिस जन सुविधा के लिए खोले गए हैं, उसी प्रकार जिला कोर्ट को भी क्षेत्र के हिसाब से बांटा जा सकता है। इसके लिए एमजी रोड की वर्तमान वाली बिल्डिंग में शहर के पश्चिम एवं मध्य क्षेत्र से जुड़े प्रकरणों की कोर्ट संचालित की जा सकती है और पिपलिया हाना में बन रही नई बिल्डिंग में पूर्वी इलाकों को शामिल किया जा सकता है। इससे सभी पक्षों को भारी राहत मिल सकती है।
सभी से राय लेंगे
इस बारे में इंदौर अभिभाषक संघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष राकेश पाल से बात की गई तो उन्होंने स्वीकारा कि वकीलों एवं पक्षकारों की ओर से यह बात कही जा रही है जिला कोर्ट पिपलिया हाना जाने से पश्चिम एवं मध्य क्षेत्र के लोगों की दिक्कते बढ़ जाएगी। इसे देखते हुए हम भी चाहते हैं कि जिला कोर्ट की कार्य व्यवस्था दो क्षेत्रों में बांट कर वर्तमान बिल्डिंग में पश्चिम एवं मध्य क्षेत्र और पिपलिया हाना वाली नई बिल्डिंग में पूर्वी क्षेत्र को रखा जाए। इस संबंध में जल्द ही साधारण सभा बुला कर सदस्यों की राय लेंगे। उसके आधार पर ही आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
इंदौर शहर में भी दो जिला कोर्ट हो…बढ़ते शहर को देखते हुए पूर्व, पश्चिम में बांटने की मांग ने पकड़ा जोर
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