नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित धोखाधड़ी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इस प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला और निष्पक्ष जांच की मांग की।
संजय राउत ने कहा कि यह केवल कांग्रेस पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश की भावनाओं से जुड़ा मामला है। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष करानी है, तो उसकी निगरानी ऐसे व्यक्ति के हाथ में होनी चाहिए, जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
राउत ने आरोप लगाया कि अयोध्या जैसे पवित्र धार्मिक स्थल की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी हुई है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बृजभूषण शरण सिंह और भागेश्वर बाबा के बयानों का किया जिक्र
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने अपने बयान में भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और भागेश्वर बाबा का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग सार्वजनिक रूप से नाम लेने से डरने की बात कह रहे हैं। राउत ने सवाल उठाया कि यदि ऐसा है तो इस डर का कारण क्या है और इसकी भी जांच होनी चाहिए।
‘राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी भावनाओं का सम्मान होना चाहिए’
संजय राउत ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी रही है और इस आंदोलन में अनेक लोगों ने त्याग और संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर निर्माण से जुड़े किसी भी मामले में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, तो उन्हें पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के माध्यम से स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
गौरतलब है कि राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित धोखाधड़ी के मामले की जांच एसआईटी कर रही है और अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की जांच जारी है।

