HomeInternational News7 घंटे तक बरसीं मिसाइलें, ईरानी तटीय रक्षा प्रणालियां ध्वस्त

7 घंटे तक बरसीं मिसाइलें, ईरानी तटीय रक्षा प्रणालियां ध्वस्त

वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के घोषणा की कि उसने ईरान के खिलाफ चलाए गए ताजा सैन्य अभियान को पूरा कर लिया है। अमेरिका के अनुसार यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर ईरान की कथित आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के खिलाफ दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी भी लागू कर दी है।

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के शक्तिशाली अर्द्धसैनिक संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने अपने हमले और नाकेबंदी जारी रखी तो क्षेत्र से होने वाले ऊर्जा और कच्चे तेल के निर्यात को प्रभावित किया जा सकता है।

सात घंटे तक चला सैन्य अभियान

अमेरिकी सेना की यूएस सेंट्रल कमान (सेंटकॉम) के अनुसार यह सैन्य अभियान करीब सात घंटे तक चला। इस दौरान ईरान के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी सेना के मुताबिक अभियान में जिन प्रमुख ठिकानों को लक्ष्य बनाया गया, उनमें शामिल हैं—

  • मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग साइटें
  • तटीय रक्षा प्रणालियां
  • ईरानी नौसेना के रणनीतिक ठिकाने और संसाधन

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित खतरों को कम करना था।

हालांकि, इन हमलों में ईरान को हुए नुकसान या हताहतों की संख्या को लेकर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना टकराव की वजह

विश्लेषकों के अनुसार मौजूदा तनाव का केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य है, जिसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।

अमेरिका का आरोप है कि हाल के दिनों में ईरान ने इस मार्ग से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसके बाद समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका ने नौसैनिक नाकेबंदी लागू की और सैन्य कार्रवाई की।

ईरान की चेतावनी से बढ़ी वैश्विक चिंता

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि अमेरिकी कार्रवाई नहीं रुकी तो क्षेत्र से होने वाले ऊर्जा और तेल निर्यात पर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और विभिन्न देशों में महंगाई पर भी पड़ सकता है।

क्षेत्रीय तनाव पर दुनिया की नजर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच तनाव आगे बढ़ता है या कूटनीतिक प्रयासों के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया जाता है। फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास का क्षेत्र वैश्विक रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments