पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को लेकर सीज़फायर की संभावनाओं पर लगातार चर्चा हो रही है। इसी बीच भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने एक इंटरव्यू में अपने देश का स्पष्ट रुख सामने रखा है।उन्होंने कहा कि इजरायल शांति के पक्ष में है, लेकिन इसके लिए कुछ अहम शर्तों का पूरा होना जरूरी है।
उनके मुताबिक, अगर युद्ध विराम करना है तो ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करना होगा, यूरेनियम संवर्धन रोकना होगा और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम समाप्त करना होगा। साथ ही, ईरान को हिज़्बुल्लाह, हूती और हमास जैसे संगठनों को समर्थन देना भी बंद करना पड़ेगा।राजदूत ने यह भी कहा कि इजरायल की लड़ाई सीधे ईरान से नहीं, बल्कि उसकी नीतियों से उत्पन्न खतरे से है।
उनका आरोप है कि ईरान लंबे समय से इजरायल के अस्तित्व को चुनौती देता रहा है, जिसके चलते यह कार्रवाई की जा रही है।अमेरिका के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सोच इस मुद्दे पर एक जैसी है और वे पूरी तरह एकजुट हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर उन्होंने कहा कि बातचीत कहां हो रही है, यह मायने नहीं रखता, बल्कि उसका परिणाम ज्यादा महत्वपूर्ण है।ईरान की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां भविष्य में सत्ता परिवर्तन संभव है और जनता मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ खड़ी हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ईरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ता नजर आ रहा है और उसे अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा।इस पूरे परिदृश्य में भारत की भूमिका को अहम बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है।इजरायल की मौजूदा स्थिति पर उन्होंने बताया कि वहां अभी भी लोग सुरक्षा के लिए बंकरों का सहारा ले रहे हैं, क्योंकि ईरान की ओर से मिसाइल हमले जारी हैं। हालांकि, इजरायल की रक्षा प्रणाली मजबूत है, फिर भी अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और कई घायल हुए हैं।अंत में उन्होंने दोहराया कि इजरायल शांति चाहता है, लेकिन यह तभी संभव है जब ईरान अपनी नीतियों में बदलाव करे।

