मुंबई। कई बार किसी बच्चे को देखकर अनायास ही मुंह से निकल पड़ता है—“अरे, बिल्कुल अपने पिता पर गया है!” केवल चेहरा ही नहीं, बल्कि मुस्कान, चाल-ढाल, जिद, शरारत और व्यक्तित्व की झलक भी पीढ़ियों का रिश्ता बयां कर देती है। बॉलीवुड ने दर्शकों को ऐसी कई यादगार पिता-पुत्र जोड़ियां दी हैं और अब स्टार प्लस का लोकप्रिय धारावाहिक ‘उड़ने की आशा’ अपने नए ट्रैक के जरिए इसी भावनात्मक जुड़ाव को पर्दे पर जीवंत करने जा रहा है।
हाल ही में फिल्म ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना की दमदार एंट्री ने दर्शकों को उनके पिता विनोद खन्ना की याद दिला दी। उनके डांस स्टेप्स और स्क्रीन प्रेजेंस में लोगों ने विनोद खन्ना की झलक महसूस की। इसी तरह रणबीर कपूर में आज भी ऋषि कपूर की सहज अदाकारी और आकर्षण दिखाई देता है। इब्राहिम अली खान में युवा सैफ अली खान की छवि साफ नजर आती है, जबकि अभिषेक बच्चन और टाइगर श्रॉफ में क्रमशः अमिताभ बच्चन और जैकी श्रॉफ की शैली और व्यक्तित्व की झलक अक्सर देखने को मिलती है। ये जोड़ियां इस बात का एहसास कराती हैं कि कुछ गुण और संस्कार विरासत में मिलते हैं।
इसी भावना को केंद्र में रखते हुए ‘उड़ने की आशा’ का नया पोस्ट-लीप ट्रैक दर्शकों के सामने एक दिलचस्प और भावनात्मक कहानी लेकर आया है। सात साल के लीप के बाद देशमुख परिवार में लक्ष की एंट्री होती है। उसका बेफिक्र स्वभाव, शरारती अंदाज और जिद्दी रवैया उसे बिल्कुल सचिन जैसा बना देता है। यही समानताएं इस नए ट्रैक को और अधिक रोचक बनाती हैं।
कहानी की सबसे दिलचस्प बात यह है कि जहां दर्शक पहली ही नजर में दोनों के बीच की समानता पहचान लेते हैं, वहीं सचिन और लक्ष अब तक उस रिश्ते की सच्चाई से अनजान हैं, जो उन्हें एक-दूसरे से जोड़ता है। यही रहस्य और भावनात्मक जुड़ाव आने वाले एपिसोड्स को और रोमांचक बनाने वाला है।
परिवार, रिश्तों और भावनाओं से भरपूर ‘उड़ने की आशा’ का यह नया अध्याय दर्शकों को पिता-पुत्र के अनकहे रिश्ते और विरासत में मिले स्वभाव की खूबसूरती का एहसास कराएगा।
‘उड़ने की आशा’ का प्रसारण प्रतिदिन रात 8:30 बजे स्टार प्लस पर होता है। दर्शक इसे कभी भी जियो हॉटस्टार पर भी देख सकते हैं।

