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सेंसेक्स 557 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसला; इंफोसिस में 8% से अधिक गिरावट

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का कारोबारी सत्र निराशाजनक शुरुआत लेकर आया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली और वैश्विक आईटी सेक्टर से जुड़े नकारात्मक संकेतों के चलते बाजार में भारी दबाव देखने को मिला। इसका असर प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी पर साफ दिखाई दिया, जबकि आईटी शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 557.12 अंक यानी 0.71 प्रतिशत गिरकर 76,852.86 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 176.80 अंक टूटकर 23,991.20 के स्तर पर पहुंच गया और 24,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 77,409.98 और निफ्टी 24,168.00 पर बंद हुआ था।

आईटी शेयरों में भारी दबाव

बाजार में सबसे अधिक दबाव आईटी क्षेत्र पर देखने को मिला। वैश्विक आईटी सेवा कंपनी एक्सेंचर द्वारा अपने ग्रोथ गाइडेंस में कटौती किए जाने के बाद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली तेज हो गई। अमेरिकी बाजार में इंफोसिस और विप्रो के एडीआर में आई भारी गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया।

शुरुआती कारोबार में इंफोसिस के शेयर 8 प्रतिशत से अधिक टूट गए, जिससे यह सेंसेक्स का सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला शेयर बन गया। इसके अलावा टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचसीएल टेक के शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

बैंकिंग और फार्मा शेयरों ने दिया सहारा

हालांकि गिरते बाजार के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों ने मजबूती दिखाई। आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, पावर ग्रिड और मारुति सुजुकी के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इनमें आईसीआईसीआई बैंक लगभग 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में

व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 107.86 अंक नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 23.24 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 8,609.57 पर पहुंच गया।

बाजार की चौड़ाई भी नकारात्मक रही। एनएसई पर 1,498 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 1,124 शेयरों में बढ़त रही। 105 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

एफआईआई की बिकवाली जारी, डीआईआई बने सहारा

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 18 जून को 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,516.81 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को समर्थन प्रदान किया।

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा कि विदेशी निवेशक मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और लगातार बिकवाली कर रहे हैं। उनका मानना है कि निवेशकों की यह सावधानी आने वाले दिनों में भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

गिफ्ट निफ्टी ने दिए कमजोर संकेत

निफ्टी की शुरुआती दिशा बताने वाला गिफ्ट निफ्टी भी कमजोरी के संकेत देता नजर आया। यह पिछले बंद स्तर 23,989 की तुलना में 5 अंक गिरकर 23,984 पर खुला।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

वैश्विक बाजारों की बात करें तो अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद महंगाई संबंधी चिंताओं में कमी आने से अमेरिकी बाजारों में मजबूती देखी गई। इसके प्रभाव से कुछ एशियाई बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंचे।

जापान का निक्केई 225 सूचकांक 157.51 अंक या 0.22 प्रतिशत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 387.35 अंक या 1.62 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक बढ़त के साथ हरे निशान में रहा, जबकि शंघाई स्टॉक एक्सचेंज अवकाश के कारण बंद रहा।

निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक आर्थिक संकेतक और आईटी सेक्टर से जुड़ी खबरें भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है और निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखे हुए हैं।

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