नई दिल्ली। भोजपुरी फिल्म और संगीत उद्योग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। कभी जिन कलाकारों के गीत और फिल्में रिलीज होते ही करोड़ों दर्शकों तक पहुंच जाती थीं, आज उसी उद्योग में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने प्रतिस्पर्धा का नया दौर शुरू कर दिया है। ऐसे में कई स्थापित कलाकारों के साथ-साथ प्रतिभाशाली लेकिन अपेक्षित पहचान नहीं पाने वाले कलाकारों की चर्चा भी तेज हो गई है।
इसी क्रम में बलिया की अभिनेत्री और डांसर डिंपल सिंह का नाम भी अक्सर लिया जाता है। पवन सिंह के साथ कई लोकप्रिय एल्बमों और स्टेज शो में नजर आ चुकी डिंपल सिंह को एक समय भोजपुरी इंडस्ट्री की उभरती हुई कलाकार माना जाता था। हालांकि, समय के साथ उनकी सक्रियता कम होती गई और अब वह पहले की तरह बड़े बैनरों या प्रमुख कलाकारों के साथ दिखाई नहीं देतीं। कई दर्शकों का मानना है कि उनकी प्रतिभा के अनुरूप उन्हें वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसकी उनसे अपेक्षा की जा रही थी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म ने बदला खेल
यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने भोजपुरी मनोरंजन जगत की तस्वीर बदल दी है। अब किसी बड़े स्टार के साथ काम करना ही सफलता की एकमात्र शर्त नहीं रह गई है। नए गायक, अभिनेता और अभिनेत्रियां अपने दम पर लाखों-करोड़ों दर्शकों तक पहुंच रहे हैं। इससे इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गई है।
क्या बदल रही है स्टार सिस्टम की तस्वीर?
भोजपुरी सिनेमा में लंबे समय तक पवन सिंह, खेसारी लाल यादव, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, आम्रपाली दुबे, अक्षरा सिंह, काजल राघवानी और अन्य बड़े सितारों का दबदबा रहा है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में रिलीज हुए कई म्यूजिक वीडियो और फिल्मों के प्रदर्शन को देखते हुए मनोरंजन जगत के कुछ विश्लेषकों का मानना है कि दर्शकों की पसंद में बदलाव आ रहा है और वे नए चेहरे तथा अलग तरह की कहानियां देखना चाहते हैं।
फिर भी यह कहना कि इन कलाकारों का दौर पूरी तरह समाप्त हो गया है, तथ्यों के आधार पर उचित नहीं होगा। आज भी इन कलाकारों के गाने, लाइव शो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद हैं। हालांकि, यह भी सच है कि पहले जैसी एकाधिकार वाली लोकप्रियता अब चुनौती का सामना कर रही है।
डिंपल सिंह जैसी प्रतिभाओं के सामने नई चुनौती
मनोरंजन उद्योग में केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि सही अवसर, मजबूत टीम, निरंतर काम और प्रभावी प्रचार भी सफलता तय करते हैं। ऐसे में कई प्रतिभाशाली कलाकार अपेक्षित पहचान से वंचित रह जाते हैं। डिंपल सिंह का नाम भी ऐसे कलाकारों में लिया जाता है, जिनके समर्थकों का मानना है कि उन्हें अधिक बड़े अवसर मिलने चाहिए थे।
फैन कल्चर पर भी उठते हैं सवाल
भोजपुरी सिनेमा में कलाकारों के प्रति प्रशंसकों का जुड़ाव अक्सर जातीय, क्षेत्रीय और व्यक्तिगत भावनाओं से भी प्रभावित होता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी कलाकार का मूल्यांकन उसकी कला, अभिनय और प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए, न कि केवल सामाजिक पहचान के आधार पर। साथ ही, प्रशंसकों को यह भी समझना चाहिए कि कलाकार और दर्शक का संबंध मुख्यतः पेशेवर होता है।
भविष्य किसका होगा?
भोजपुरी मनोरंजन उद्योग ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां पुराने सितारों का अनुभव और नए कलाकारों की ऊर्जा साथ-साथ दिखाई दे रही है। आने वाले वर्षों में वही कलाकार लंबे समय तक टिक पाएंगे जो बदलती दर्शक पसंद, डिजिटल माध्यमों और बेहतर कंटेंट के अनुरूप स्वयं को ढाल सकेंगे। डिंपल सिंह जैसी प्रतिभाओं के लिए भी यह दौर नए अवसर लेकर आ सकता है, बशर्ते उन्हें सही मंच और मजबूत परियोजनाएं मिलें।

