देवघर। श्रावण मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर झारखंड के विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही देशभर से पहुंचे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर प्रशासन को सोमवार को लगभग 2.5 लाख या उससे अधिक श्रद्धालुओं के जलार्पण की उम्मीद है।
देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) एवं मंदिर प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि रविवार को लगभग 1.5 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण किए थे। पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या इससे कहीं अधिक रहने का अनुमान है।
रवि कुमार ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर परिसर में बाहरी ‘अर्घा’ (जल चढ़ाने की व्यवस्था) का आकार बढ़ाकर सात फीट से अधिक कर दिया गया है, ताकि जो श्रद्धालु मुख्य गर्भगृह की लंबी कतार में शामिल नहीं हो सकते, वे भी आसानी से भगवान शिव को जल अर्पित कर सकें।
उन्होंने बताया कि पार्वती मंदिर के बाहर भी एक बड़ा बाहरी अर्घा स्थापित किया गया है, जिससे वहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुगमता से जल चढ़ाने की सुविधा मिल सके।
भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर के अंदर और बाहर विस्तार योग्य बैरिकेडिंग लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे। इसके अलावा, मार्ग को अधिक सुगम बनाने के लिए मंदिर परिसर के आसपास की अस्थायी दुकानों को हटाया गया है, जिससे श्रद्धालु आसानी से उमा भवन और पार्वती मंदिर तक पहुंच सकें।
एसडीओ रवि कुमार ने बताया कि पूरे शहर में भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बैरिकेड्स लगाए गए हैं तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
श्रावण मास में बाबा बैद्यनाथ धाम देश के सबसे प्रमुख शिवधामों में से एक माना जाता है। इस दौरान लाखों कांवड़िए सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। पहले श्रावण सोमवार पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर बाबा धाम में आस्था और भक्ति का अद्भुत वातावरण बना दिया।

