गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर में अक्षय पात्र फाउंडेशन की अत्याधुनिक केंद्रीकृत रसोई (Centralized Kitchen) का उद्घाटन किया। प्रतिदिन एक लाख भोजन तैयार करने की क्षमता वाली यह आधुनिक रसोई प्रधानमंत्री पोषण (PM POSHAN) योजना के तहत हजारों स्कूली बच्चों को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएगी। इस पहल को भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और अक्षय पात्र फाउंडेशन के बीच मजबूत सार्वजनिक-निजी साझेदारी (PPP) का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में अक्षय पात्र फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं उपाध्यक्ष चंचलपति दास तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ट्रस्टी भरतर्षभ दास भी उपस्थित रहे।
5,000 से शुरू हुई यात्रा अब पहुंचेगी एक लाख बच्चों तक
अक्षय पात्र फाउंडेशन ने वर्ष 2019 में गोरखपुर में अपने मिड-डे मील कार्यक्रम की शुरुआत लगभग 5,000 बच्चों के साथ की थी। उस समय यह फाउंडेशन की देशभर में 50वीं रसोई थी। धीरे-धीरे यह संख्या बढ़कर 17,000 बच्चों तक पहुंची।
नई अत्याधुनिक रसोई शुरू होने के बाद अब 310 विद्यालयों के लगभग 35,000 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। आगामी चरणों में यह सुविधा 546 विद्यालयों के 55,000 बच्चों तक पहुंचेगी और अंततः 1,570 विद्यालयों के एक लाख विद्यार्थियों को प्रतिदिन पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता हासिल करेगी।
आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
करीब 2.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह केंद्रीकृत रसोई अत्याधुनिक गैस एवं स्टीम आधारित हाइब्रिड प्रणाली पर संचालित होगी। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे नवीनतम तकनीक से तैयार किया गया है।
रसोई की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं—
- प्रतिदिन 1 लाख भोजन तैयार करने की क्षमता।
- प्रति घंटे 40,000 रोटियां बनाने वाली दो स्वचालित मशीनें।
- भोजन वितरण के लिए 23 इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा।
- 160 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र।
- 2 लाख लीटर क्षमता वाला अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र।
- वर्षा जल संचयन प्रणाली।
- दूसरे चरण में बायोगैस संयंत्र की स्थापना की भी योजना।
इन व्यवस्थाओं से कार्बन उत्सर्जन कम करने, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
योगी आदित्यनाथ बोले— स्वच्छ भोजन ही स्वस्थ समाज की नींव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, मथुरा, आगरा और कानपुर के बाद अब गोरखपुर में भी अक्षय पात्र की आधुनिक रसोई शुरू हो गई है।
उन्होंने कहा,
“इस सत्र में पहले 50 हजार और उसके बाद प्रतिदिन एक लाख बच्चों को अलग-अलग दिन के मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन तैयार करने से लेकर वितरण तक की व्यवस्था अत्यंत उत्कृष्ट है और यह हर किसी के लिए सीखने योग्य है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता का सबसे बड़ा आधार उसकी स्वच्छता होती है।
“स्वच्छ आहार से स्वस्थ शरीर बनता है और स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मन का निर्माण होता है। यह रसोई स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण भोजन का उत्कृष्ट उदाहरण है।”
उन्होंने अक्षय पात्र फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुपोषित भारत के विजन को मजबूत करेगी और बच्चों के बेहतर भविष्य की आधारशिला बनेगी।
चंचलपति दास बोले— कोई बच्चा भूख के कारण शिक्षा से वंचित न रहे
अक्षय पात्र फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं उपाध्यक्ष चंचलपति दास ने कहा कि गोरखपुर की यह रसोई सार्वजनिक-निजी सहयोग की सफलता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा,
“हमारा विश्वास है कि कोई भी बच्चा भूख के कारण शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से हम बाल पोषण को मजबूत कर रहे हैं, शिक्षा को प्रोत्साहित कर रहे हैं और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं।”
शिक्षा और पोषण को मिलेगा नया आधार
अक्षय पात्र फाउंडेशन का मानना है कि यह नई रसोई केवल भोजन वितरण केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा, बाल स्वास्थ्य और पोषण सुधार का मजबूत आधार बनेगी। पीएम पोषण योजना के तहत संचालित यह सुविधा विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, कुपोषण कम करने और बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, गोरखपुर में शुरू हुई यह अत्याधुनिक केंद्रीकृत रसोई उत्तर प्रदेश में स्कूली पोषण कार्यक्रमों के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी और भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी मॉडल के रूप में कार्य कर सकती है।

