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टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल पहुंच बढ़ाने की दिशा में उठाया बड़ा कदम

तुमकुरु। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा जलजनित बीमारियों की रोकथाम के उद्देश्य से टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने कर्नाटक के तुमकुरु जिले में रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) आधारित पेयजल परियोजना की शुरुआत की। परियोजना का शिलान्यास केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उपाध्यक्ष रमेश राव सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की चुनौती को देखते हुए कंपनी छह स्थानों—बेलिगेरे, कंबरेहट्टी, होसाहट्टी, मुदलापल्या, जुंजप्पनहट्टी और सोमलापुरा—में प्रति घंटे 500 लीटर क्षमता वाले आरओ जल शुद्धिकरण संयंत्र स्थापित करेगी। इस परियोजना से 29 गांवों के लगभग 9,200 ग्रामीणों को प्रतिवर्ष स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होने की उम्मीद है।

केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कहा कि विकास तभी सार्थक होता है, जब उसका लाभ सीधे लोगों के दैनिक जीवन तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल केवल बुनियादी ढांचे का हिस्सा नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण की आधारशिला है। उन्होंने ग्रामीण भारत के विकास और सामुदायिक कल्याण के लिए टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की इस पहल की सराहना की।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) विक्रम गुलाटी ने कहा कि स्वच्छ पेयजल हर परिवार का मूल अधिकार है, न कि कोई विशेष सुविधा। उन्होंने कहा कि सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता समुदायों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव लाती है। तुमकुरु में स्थापित किए जा रहे आरओ संयंत्र ग्रामीणों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाने के साथ आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य में भी योगदान देंगे।

कंपनी के अनुसार, यह पहल उसके सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देशभर में अब तक 312 गांवों में 51 जल शुद्धिकरण इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं, जिनसे 3.5 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर का कहना है कि वह भविष्य में भी सामुदायिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं पर कार्य करती रहेगी।

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