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देशभर में मानसून का प्रहार: बाढ़-भूस्खलन से हाहाकार, दिल्ली-मुंबई पानी-पानी; पुणे में इमारत ढही

New Delhi : देश के कई हिस्सों में हुई मूसलाधार मानसून की बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कई राज्यों में अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और गंभीर जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। रेल, सड़क और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित होने से लाखों लोग जहां-तहां फंस गए हैं। आपदा की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में कूड़े का पहाड़ एक इमारत पर गिरने से 11 लोगों के फंसे होने की आशंका है। वहीं दिल्ली और मुंबई के कई इलाकों में जलभराव हो गया। गुजरात के सूरत में भी भारी बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है।

प्रशासन ने निचले इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है तथा जलमग्न क्षेत्रों में ऊंची इमारतों में रह रहे लोगों तक भोजन के पैकेट पहुंचाए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत कर भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। यह बातचीत केरल के वायनाड में मलबा गिरने, जम्मू के डोडा में अचानक आई बाढ़ तथा महाराष्ट्र और गुजरात में हुई जानलेवा घटनाओं और व्यापक व्यवधानों के बाद हुई। केरल के वायनाड में सुरंग निर्माण परियोजना स्थल पर बारिश के कारण खुदाई की गई मिट्टी का ढेर ढह जाने से लापता हुए पांच लोगों की तलाश बुधवार को भी जारी रही। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।

वहीं मुंबई में कुछ समय की राहत के बाद फिर गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं और कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। महाराष्ट्र में वसई-विरार खंड तथा दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण गुजरात की ओर जाने वाली लंबी दूरी की रेलगाड़ियां प्रभावित रहीं। वहीं भोर घाट क्षेत्र में भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात धीमा पड़ गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गरज-चमक और भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। रेल सेवाएं बाधित हैं और भूस्खलन तथा जलभराव से लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में कूड़े का पहाड़ तीन मंजिला इमारत पर गिरने से वह ढह गई। इतिहास

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इमारत में नगर निगम की ओर से कचरा प्रसंस्करण का कार्य करने वाली निजी कंपनी का प्रशासनिक कार्यालय संचालित होता था। हादसे में कम से कम 11 लोगों के फंसे होने की आशंका है। नासिक जिले में लगातार बारिश के कारण गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

जिला प्रशासन ने गोदावरी, कड़वा और गिरणा नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि पालखेड़ और नांदूर मध्यमेश्वर सहित विभिन्न बांधों से पानी छोड़े जाने के मद्देनजर वे अपने कीमती सामान, पशुधन और अन्य जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। रायगढ़ जिले में उल्हास नदी का पानी रेलवे ट्रैक पर आने के कारण नेरल और कर्जत स्टेशनों के बीच रेल सेवा लगभग एक घंटे तक बाधित रही। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण मुंबई आने वाली नौ उड़ानों को निकटवर्ती हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। बाद में सभी विमान सुरक्षित रूप से मुंबई हवाई अड्डे पर उतर गए।

मुंबई में तेज बारिश और आंधी के कारण उपनगरीय लोकल ट्रेनें 25 से 30 मिनट की देरी से चलीं तथा कई इलाकों में जलभराव हो गया। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाली सात झीलों में से एक तुलसी झील मंगलवार देर रात भरकर बहने लगी। इससे कुछ घंटे पहले विहार झील भी लबालब होकर बहने लगी थी। आईएमडी ने मुंबई और उपनगरों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

सूरत में बुधवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में 358 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए। अधिकारियों के अनुसार 3,400 से अधिक लोगों को बचाया गया, जबकि 3,800 से ज्यादा लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार बारिश से जुड़ी घटनाओं में बिजली का करंट लगने, पेड़ गिरने और डूबने से नौ लोगों की मौत हो गई। शहर के कई घरों, व्यावसायिक परिसरों और दुकानों में पानी भर गया।

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