“दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इमारत के दोषी मालिक को गिरफ्तार किया जाएगा। सभी एजेंसी, नगर निगम, फायर, बिजली-पानी का विभाग आसपास के क्षेत्र में ऐसी जितनी इमारतें चल रही हैं, शाम तक उनकी जांच करके सभी इमारतों को सील किया जाएगा और कोई भी दोषी नहीं बचेगा “
नयी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। दुर्घटना में अब तक 21 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो से तीन लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका अस्पताल में उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरे भवन में फैल गई। आग की लपटों और धुएं के कारण अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया ।
डीडीएमए साउथ ब्लॉक के एसडीएम जितेन्द्र कुमार ने बताया कि राहत एवं बचाव अभियान में कुल 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन 21 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। कई घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
दुर्घटना के बाद दिल्ली सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इमारत के मालिक को गिरफ्तार किया जाएगा और कोई भी दोषी नहीं बचेगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम, अग्निशमन विभाग, बिजली एवं जल विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों को क्षेत्र में संचालित ऐसी इमारतों की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली इमारतों को सील किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने भी दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अनेक राजनीतिक नेताओं ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
फिलहाल प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। आग लगने के कारणों की पड़ताल की जा रही है। इस हादसे ने राजधानी में व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

