हाल ही में एक भविष्य की डॉक्टर को अपना सपना अधूरा छोड़ना पड़ा! कुछ दरिंदों की वजह से कोलकाता की एक डॉक्टर अपने सपने को अधूरा छोड़ कर चली गई! जानकारी के लिए बता दें कि उस बेटी का बस एक ही लक्ष्य था, अपने मां-बाप का सीना गर्व से चौड़ा करना, जिन्होंने अपने सुख चैन की कुर्बानी देकर उसे आगे बढ़ाया था। वो पेश से डॉक्टर थी, ट्रेनी डॉक्टर, जो पढ़ाई के साथ डॉक्टरी की प्रैक्टिस भी कर रही थी। वह अपने पूरे बैच में टॉप करके गोल्ड मेडल पाने का इरादा रखती थी। बता दें कि लाखों मिडिल क्लास लड़कियों की तरह वो भी एक ऐसे घर में पैदा हुई थी, जहां प्यार तो बहुत था लेकिन पैसे कम थे। उसके लिए कुछ भी आसान नहीं था। कोलकाता के भीड़-भाड़ वाले इलाके सोडपुर के एक छोटे से स्कूल से लेकर कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में पढ़ने तक, हर कदम उसके लिए एक नई उम्मीद थी।
अपनी बेटी को कामयाब देखने के लिए उसके पिता ने अपनी छोटी सी दर्जी की दुकान पर दिन-रात मेहनत की, पैसे बचाए, और उसने भी स्कूल-कॉलेज में पूरी ताकत लगा दी ताकि उसका सपना अधूरा न रह जाए। बता दें कि वह एक समझदार बेटी थी। ऑटो, रिक्शा, ट्रेन से स्कूल, कॉलेज या दोस्तों के साथ जाती, लेकिन कभी कोई शिकायत नहीं की। बस यही चाहती थी कि उसके लिए कोई अलग नियम न बने और वो अपनी मेहनत की दम पर आगे बढ़े, पापा की कमाई से नहीं। वे एक-दूसरे के लिए जीते थे। बेटी उनकी शान थी और मां-बाप उसकी दुनिया। उसकी पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके जीवन में प्यार और पैसा दोनों आने वाले थे। घर का कर्ज उतर जाएगा और पैसे की टेंशन खत्म हो जाएगी। मां-बाप, दोस्त, टीचर, सब उसे ‘फाइटर’ कहते थे। वो हार नहीं मानने वाली लड़की थी।
बता दे वो बेटी अब दुनिया में नहीं है। कुछ दरिंदों ने बेरहमी से उसका बालात्कार करके हत्या कर दी है। पीड़िता के 67 वर्षीय पिता ने हमारे सहयोगी संस्थान टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘हम एक गरीब परिवार हैं और हमने उसे बहुत कठिनाई से पाला है। उसने डॉक्टर बनने के लिए बहुत मेहनत की। हमारे सारे सपने एक रात में चकनाचूर हो गए।’ वह एमबीबीएस के उन छात्रों के एक बैच से थी, जिन्होंने कोविड महामारी का खौफनाक दौर देखा था। मरीजों की सेवा करना उसको अच्छा लगता था। आरजी कर मेडिकल कॉलेज को वह अपना दूसरा घर कहती थी, वह मरीजों के इलाज में दिन-रात लगी रहती थी।
जानकारी के लिए बता दे कि 9 अगस्त को, 36 घंटे की बिना रुके ड्यूटी के बाद, वह मेडिकल कॉलेज के सेमिनार रूम में सो गई थी, तभी उस पर एक या एक से अधिक लोगों ने हमला किया, उसके साथ बलात्कार किया और उसे इतनी बेरहमी से मार डाला कि उसकी गर्दन और पेल्विस टूट गई। अगली सुबह सेमिनार रूम में आए इंटर्न और साथी पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी ने उसका शव पाया। उसका लैपटॉप, नोटबुक और सेलफोन उसके बगल में सही सलामत पड़ा था। एक आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उसके सहयोगियों और माता-पिता को विश्वास नहीं है कि वह इस अपराध में अकेला शामिल था। बता दें कि माता-पिता ने कोलकाता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद सीबीआई ने मामला संभाल लिया है और अब तक उसने कुछ सहपाठियों, सहयोगियों, वरिष्ठ शिक्षकों, प्रिंसिपल और अस्पताल के अधीक्षक से पूछताछ की है।

