होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय जहाजों पर कथित गोलीबारी की घटना को लेकर ईरान की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है।
साथ ही उन्होंने भारत-ईरान संबंधों को मजबूत बताते हुए उम्मीद जताई कि अगर कोई विवाद है तो उसे बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान संघर्ष नहीं, बल्कि शांति का पक्षधर है।इलाही ने दोनों देशों के रिश्तों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सभ्यतागत जुड़ाव रहा है।
उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच हालिया बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के नेतृत्व के बीच बेहतर समझ बनी हुई है।दूसरी ओर, ओमान के पास होर्मुज क्षेत्र में दो भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों—‘जग अर्नव’ और ‘सनमार हेराल्ड’—पर फायरिंग की खबर सामने आई है। ये जहाज इराक से तेल लेकर जा रहे थे।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस घटना ने तेल आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।इस मामले पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फ़तहली को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय पक्ष ने ईरान को याद दिलाया कि उसने पहले भी भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया है।
साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि होर्मुज मार्ग से आने-जाने वाले जहाजों की सुरक्षा और सुगमता को जल्द बहाल किया जाए। इस पर ईरानी राजदूत ने भारत की चिंताओं को अपनी सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।

