लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो पाया, क्योंकि इसके लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत सरकार को नहीं मिला। इसके चलते यह बिल गिर गया और इससे जुड़े अन्य दो विधेयक—केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल और परिसीमन (डिलिमिटेशन) बिल—पर वोटिंग भी नहीं कराई गई।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक Arvind Kejriwal ने कहा कि यह प्रधानमंत्री Narendra Modi के अहंकार की हार है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की उल्टी गिनती अब शुरू हो चुकी है।वहीं, आप के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि डिलिमिटेशन बिल के जरिए राज्यों के साथ अन्याय करने की कोशिश की जा रही थी, जो सफल नहीं हो पाई।
उन्होंने कहा कि यह वास्तव में महिला आरक्षण का बिल नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश थी।संजय सिंह ने आगे कहा कि इस प्रस्ताव के जरिए उत्तर और दक्षिण भारत के बीच मतभेद बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले पारित प्रस्ताव में जनगणना और परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण लागू करने की बात कही गई थी, जबकि उनकी पार्टी की मांग थी कि मौजूदा सीटों में से ही 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू किया जाए।

