लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सपा का विधानसभा के भीतर हालिया व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विधानसभा में सपा के सदस्यों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी बात रखने का अवसर तक नहीं दिया। उनके अनुसार, इससे स्पष्ट होता है कि विपक्ष का उद्देश्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा करना नहीं, बल्कि सदन की कार्यवाही बाधित कर उसका समय बर्बाद करना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी को प्रदेश की जनता के हितों की कोई चिंता नहीं है। डिप्टी सीएम ने कहा कि जो लोग बाबर या बाबरी मस्जिद का समर्थन करते हैं, उन्हें श्री राम जन्मभूमि से जुड़े किसी भी विषय—चाहे वह चढ़ावा, दान या मंदिर निर्माण से संबंधित हो—पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
केशव प्रसाद मौर्य ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में सपा को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
विपक्ष के आरोपों और सत्ता पक्ष के इन बयानों के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।

