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काशी की भीड़ प्रबंधन और सतत परिवहन व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, सस्टेनेबल सिटीज़ चैलेंज के विजेताओं की घोषणा

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शहर वाराणसी के ऐतिहासिक क्षेत्र काशी में भीड़ प्रबंधन और सतत परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। वाराणसी नगर निगम ने टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन (TMF), चैलेंज वर्क्स और डब्ल्यूआरआई इंडिया (WRI India) के सहयोग से आयोजित सस्टेनेबल सिटीज़ चैलेंज (Sustainable Cities Challenge – SCC) के विजेताओं की घोषणा की। चयनित परियोजनाओं को वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि उन्हें पुराने शहर में बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।

इस पहल का उद्देश्य काशी की संकरी गलियों और ऐतिहासिक क्षेत्रों में प्रतिदिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाना है।

दो परियोजनाएं बनीं विजेता

प्रतियोगिता में CITYDATA.AI और निप्पॉन कोएई द्वारा विकसित ‘सिटीफ्लो (CityFlow)’ तथा द अर्बनाइज़र (The Urbanizer) की ‘जनजात्रा (Janjatra)’ परियोजनाओं को विजेता चुना गया।

इसके अलावा VOGIC AI की ‘बेहतरवे (Behtarway)’ और प्रमेय कंसल्टिंग (Prameya Consulting) की ‘नईचाल (Nayichaal)’ परियोजनाओं को सम्मानजनक उल्लेख (Honorable Mentions) प्रदान किया गया।

अत्याधुनिक तकनीक से होगा भीड़ प्रबंधन

सिटीफ्लो परियोजना बिग डेटा, कंप्यूटर विज़न और जेनरेटिव एआई की मदद से वास्तविक समय (रियल टाइम) में भीड़ की गतिविधियों का विश्लेषण करेगी। इससे प्रशासन को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की समय रहते पहचान कर उचित कदम उठाने में सहायता मिलेगी।

वहीं जनजात्रा परियोजना रंग-आधारित दिशा-निर्देशन (वे-फाइंडिंग), डिजिटल साइनबोर्ड और स्मार्ट शहरी डिज़ाइन के माध्यम से लोगों की आवाजाही को आसान बनाएगी तथा भीड़ का दबाव कम करेगी।

बेहतरवे एआई आधारित स्थानीय पैदल नेविगेशन प्लेटफॉर्म है, जबकि नईचाल का उद्देश्य बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और अन्य संवेदनशील वर्गों के लिए शहर को अधिक सुगम और सुलभ बनाना है।

दो वर्षों की प्रक्रिया के बाद हुआ चयन

इन परियोजनाओं का चयन लगभग दो वर्षों तक चले विस्तृत मूल्यांकन के बाद किया गया। इस दौरान नवाचारकर्ताओं, नगर प्रशासन, परिवहन विशेषज्ञों और स्थानीय हितधारकों ने मिलकर ऐसे व्यावहारिक और प्रभावी समाधान विकसित किए, जिन्हें वाराणसी जैसे विरासत शहर में लागू किया जा सके।

मंत्री ने जताया भरोसा

विजेताओं की घोषणा के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इन नवाचारों को वाराणसी में बड़े पैमाने पर लागू किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे शहर की यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।

नगर आयुक्त ने बताया भविष्य का मॉडल

वाराणसी नगर निगम के नगर आयुक्त एवं वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हिमांशु नागपाल ने कहा कि काशी जैसे ऐतिहासिक शहर में लाखों लोगों की आवाजाही का प्रभावी प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। डेटा आधारित तकनीक, स्मार्ट नेविगेशन और मानव-केंद्रित शहरी डिज़ाइन के माध्यम से भीड़ प्रबंधन अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लागू होने से शहर में सुरक्षा, सुगमता और यातायात प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार होगा।

वैश्विक स्तर पर बनेगा उदाहरण

टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन के कार्यकारी कार्यक्रम निदेशक प्रसन्ना गणेश ने कहा कि चयनित नवाचार ऐतिहासिक शहरों की चुनौतियों को अवसरों में बदलने का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उनका उद्देश्य तकनीक, स्थिरता और सहयोग के माध्यम से सभी के लिए बेहतर गतिशीलता (Mobility for All) सुनिश्चित करना है।

चैलेंज वर्क्स की निदेशक कैथी नॉर्थस्टीन ने कहा कि वाराणसी ने यह साबित किया है कि विरासत और आधुनिक तकनीक का संतुलित उपयोग कर शहरों को अधिक सुरक्षित और नागरिक-अनुकूल बनाया जा सकता है।

वहीं डब्ल्यूआरआई इंडिया के अविनाश दुबेदी ने कहा कि ये समाधान केवल भीड़ कम करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के लिए अधिक सुरक्षित, सुलभ और सुविधाजनक सार्वजनिक स्थान विकसित करने का भी आधार बनेंगे। भविष्य में वाराणसी दुनिया के अन्य धार्मिक और विरासत शहरों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर का सहयोग

इस पहल के क्रियान्वयन में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भी सक्रिय सहयोग दिया। कंपनी के कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष विक्रम गुलाटी ने कहा कि चयनित टीमों ने अपने अभिनव विचारों से यह दिखाया है कि तकनीक के माध्यम से वास्तविक समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल वाराणसी में भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाएंगी, बल्कि शहरी गतिशीलता और सार्वजनिक सुरक्षा के नए मानक भी स्थापित करेंगी।

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