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पटना में गंगा ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, बिहार की कई नदियां लाल निशान के पार

पटना से भागलपुर तक बाढ़ का असर, 11 जिलों में करीब 16.84 लाख लोग प्रभावित; गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा भी उफान पर

पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। बिहार और नेपाल में हुई भारी बारिश का असर अब राज्य की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। पटना से लेकर भागलपुर तक गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है, जबकि गंडक और कोसी समेत कई नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य के 11 जिलों में करीब 16.84 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

गांधी घाट पर गंगा ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड

पटना में गंगा का बढ़ता जलस्तर सबसे बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है। गांधी घाट पर शनिवार को नदी का जलस्तर अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर गया। शनिवार सुबह करीब 10 बजे गंगा का जलस्तर 50.52 मीटर के HFL से ऊपर पहुंच गया। दोपहर चार बजे यह बढ़कर 50.57 मीटर दर्ज किया गया।

यह वर्ष 2016 में दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर से करीब पांच सेंटीमीटर अधिक है। इस तरह गांधी घाट पर गंगा ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। रविवार सुबह जलस्तर और बढ़कर करीब 50.62 मीटर तक पहुंच गया।

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण पटना के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर

जल संसाधन विभाग के अनुसार बिहार की कई प्रमुख नदियां इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा प्रमुख हैं।

गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं कोसी बलतारा में उफान पर है, जबकि बूढ़ी गंडक खगड़िया में लाल निशान के पार है।

गंगा भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। इसके अलावा पुनपुन नदी श्रीपालपुर और घाघरा नदी दरौली में भी लाल निशान के पार बह रही है।

पटना से भागलपुर तक बढ़ी चिंता

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर का असर पटना समेत कई जिलों में दिखाई दे रहा है। वहीं सारण, वैशाली, मुंगेर और कटिहार सहित कई इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। निचले और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

सभी संबंधित जिलों को हाई अलर्ट

गंगा के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद जल संसाधन विभाग ने संबंधित जिलों को अलर्ट किया है। विभाग की ओर से जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को बेतार संदेश भेजकर सतर्क रहने को कहा गया है।

प्रशासन को संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सितंबर में सामान्य से 69 फीसदी ज्यादा बारिश

बिहार में सितंबर महीने की बारिश ने भी चिंता बढ़ा दी है। अब तक राज्य में 60.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य से करीब 69 फीसदी अधिक है।

लगातार हो रही बारिश और बिहार के साथ नेपाल में भारी बारिश के कारण नदियों में पानी का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर प्रशासन के साथ-साथ लोगों की भी नजर बनी हुई है।

लाखों लोगों पर बाढ़ का असर

बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। 11 जिलों में करीब 16.84 लाख लोगों के प्रभावित होने के बीच गंगा और दूसरी नदियों का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। फिलहाल सबसे ज्यादा चिंता उन इलाकों को लेकर है जो नदियों के किनारे और निचले क्षेत्रों में स्थित हैं।

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