नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को विपक्ष के तीखे विरोध और हंगामे की भेंट चढ़ गया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी दलों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक और अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए दोनों सदनों में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित रही और अंततः दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा।
राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई, जबकि लोकसभा की कार्यवाही भी अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए टाल दी गई। संसद का यह मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। आगामी दिनों में विभिन्न राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है, विशेषकर आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए।
हंगामे के बीच पेश हुआ सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक
लोकसभा में विपक्ष की नारेबाजी के बीच केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ सदन में पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन करते हुए न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करना है। यह विधेयक पहले जारी किए गए अध्यादेश का स्थान लेगा।
हालांकि विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी।
राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान संशोधन विधेयक लाने की तैयारी
सरकार राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना या उसका अपमान करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में लाने का प्रावधान किया गया है।
वहीं विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह पूरे सत्र के दौरान NEET-UG 2026 पेपर लीक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं तथा अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की मांग लगातार उठाता रहेगा।
राज्यसभा के नौ नए सदस्यों ने ली शपथ
मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने उच्च सदन के नौ नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई। इनमें गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, राजस्थान और पश्चिम बंगाल से निर्वाचित सदस्य शामिल हैं।
शपथ लेने वाले सदस्यों में गुजरात से भाजपा के मुकेशभाई जे. राठवा, कर्नाटक से कांग्रेस के पवन खेड़ा, मध्य प्रदेश से भाजपा के महेश केवट, मेघालय से एनपीपी के जेम्स पांगसांग कोंगकल संगमा, मिजोरम से खियांग्टे लालत्लुआंगकीमा, राजस्थान से भाजपा के सतीश पूनिया, पश्चिम बंगाल से भाजपा के प्रकाश चिक बड़ाइक, तथा तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राय शामिल रहे।
मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही से स्पष्ट संकेत मिले हैं कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

