ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है और हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि ईरान के ऊपर सर्च ऑपरेशन के दौरान अमेरिका के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया गया। बताया जा रहा है कि यह हमला किसी प्रोजेक्टाइल से किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ईरान के भीतर अपने लापता पायलटों की तलाश में अभियान चला रही थी। इस दौरान अमेरिकी एयरफोर्स के विमान बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए खोज और बचाव मिशन में जुटे थे, जिससे ऑपरेशन काफी जोखिम भरा हो गया था। घटनास्थल से पायलट की इजेक्शन सीट मिलने की भी जानकारी सामने आई है।कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि अमेरिकी सेना ने अपने एक पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
वहीं, दूसरी ओर यह दावे भी किए गए कि एक पायलट को जिंदा पकड़ लिया गया है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिका के उन्नत एफ-35 और एफ-15ई लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, एक विमान मध्य ईरान में गिराया गया और उसके पायलट के बचने की संभावना बेहद कम बताई गई।इसी बीच, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिका की ओर से सर्च ऑपरेशन को और बढ़ाया गया, जबकि हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता भी बढ़ती जा रही है।
दूसरी तरफ, ईरान और अन्य खाड़ी देशों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कुवैत ने दावा किया कि उसके एक जल संयंत्र और तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जबकि ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।रिपोर्ट्स के अनुसार, संघर्ष के दौरान नागरिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है, जिसे लेकर इसे युद्ध अपराध तक बताया जा रहा है। इस बीच, क्षेत्र में मिसाइल हमलों की खबरें भी सामने आई हैं।कुल मिलाकर, अब तक इस संघर्ष में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। हालांकि, कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी भी बाकी है, जिससे स्थिति को लेकर पूरी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है।

