तवांग (अरुणाचल प्रदेश)। भारतीय सेना की गजराज कोर ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र ताकत्संग गोम्पा के निकट ग्रोलेटेंग में पारंपरिक याक मेला का भव्य आयोजन किया। इस मेले का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले ब्रोकपा समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और उनके अदम्य साहस का सम्मान करना था।
कार्यक्रम में 5 माउंटेन डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) मेजर जनरल अमित नौटियाल (एसएम, वीएसएम) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ तवांग के अतिरिक्त उपायुक्त रिनचिन लेटा, तवांग ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर भूपाल सिंह (एसएम), सेना और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधि, गांव बुराह (Gaon Burahs) तथा बड़ी संख्या में ब्रोकपा समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
ब्रोकपा समुदाय के साहस और योगदान की सराहना
अपने संबोधन में मेजर जनरल अमित नौटियाल ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अत्यंत प्रतिकूल मौसम के बावजूद ब्रोकपा समुदाय जिस साहस, उत्साह और दृढ़ता के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में जीवन व्यतीत कर रहा है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह समुदाय सुरक्षा बलों को निरंतर सहयोग देकर राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सीमा सुरक्षा के साथ विकास के लिए भी प्रतिबद्ध सेना
मेजर जनरल नौटियाल ने कहा कि भारतीय सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सेना भविष्य में भी स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, आजीविका के अवसर बढ़ाने और नई पीढ़ी के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग जारी रखेगी।
समृद्धि और सहयोग का संदेश
उन्होंने ब्रोकपा समुदाय की सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया।
यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय सेना और सीमावर्ती समुदायों के बीच विश्वास, साझेदारी और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का भी प्रतीक बना। याक मेला के माध्यम से स्थानीय परंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक जीवन को सम्मान देने के साथ-साथ सीमांत क्षेत्रों के विकास के प्रति सेना की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई।

