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राम पर नए नारे बोलकर अखिलेश ने कर दी है नई सियासी बात, अब क्या करेगी भाजपा

नई दिल्ली। अखिलेश यादव ने प्रयागराज में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर तीखा हमला बोला है। अयोध्या और राम मंदिर के मुद्दे पर सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा विपक्ष पर किए गए हमलों का करारा जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी आस्था के नाम पर सिर्फ ‘धन और डोनेशन’ की राजनीति कर रही है।

उन्होंने कहा कि जो लोग हमेशा नेशन फर्स्ट की बातें करते थे, आज उनके एक्शन से लग रहा है कि उनके लिए डोनेशन फर्स्ट ही सब कुछ बन चुका है। अखिलेश ने साफ किया कि समाजवादी लोग भी सनातन धर्म की रक्षा चाहते हैं, लेकिन इसकी आड़ में कोई गोरखधंधा या खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख ने अयोध्या की दान पेटी में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर बीजेपी को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा, “क्या कोई सोच भी सकता था कि लोगों की अटूट श्रद्धा और आस्था के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ होगा? यह पूरी तरह इनकी चतुराई और चालबाजी है।”

अखिलेश ने मांग की कि अयोध्या के सीसीटीवी फुटेज सामने आने चाहिए ताकि जनता को पता चले कि कितनी बार कैमरों को बंद किया गया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब तो लोग कह रहे हैं कि सीसीटीवी का असली मतलब ही ‘चंदा चोरी, चढ़ावा चोरी’ हो गया है। यह बात गांव-गांव तक फैल चुकी है और गरीब महिलाएं अब पूछ रही हैं कि जब चढ़ावे की ही चोरी होनी है, तो हम दान क्यों दें?

अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले पर चुटकी लेते हुए एक नया और मजेदार नारा भी उछाला। उन्होंने कहा, “चोर-चोर सौतेले भाई, जिन्होंने चुराई राम की पाई, देखो जा रहा वो भाजपाई जिसने खाई राम की पाई।” सपा प्रमुख ने कहा कि जो लोग हमेशा दूसरों पर झूठे आरोप लगाते थे, आज भगवान ने खुद उनकी इस बड़ी चोरी को पूरी दुनिया के सामने लाकर रख दिया है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरों पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सीएम साहब वहां जाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना रहे थे और बार-बार मीडिया में गिनवाते थे कि वे कितनी बार रामलला के दर्शन कर चुके हैं। लेकिन हैरानी की बात है कि उनके इतने दौरों के बाद भी उन्हें वहां हो रही जमीनी हकीकत और घपले की कोई जानकारी नहीं मिली। इसी को कहते हैं, चिराग तले अंधेरा। अखिलेश ने आखिर में कहा कि अगर मुख्यमंत्री को अपनी नाक के नीचे हो रहे इस स्कैम की खबर नहीं थी, तो इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य की तहसीलों, थानों और बाकी सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार किस कदर नेक्स्ट लेवल पर पहुंच गया होगा।

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