ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना रुख साफ किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि यह समुद्री रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। उनके मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सिर्फ अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों और तेल टैंकरों के लिए बंद किया गया है, जबकि बाकी देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि जो देश ईरान पर हमला कर रहे हैं या उसके विरोधी हैं, उनके जहाजों को इस मार्ग से गुजरने नहीं दिया जाएगा। हालांकि अन्य देशों के जहाज सामान्य रूप से इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं।हालांकि जमीन पर हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के आसपास सैकड़ों जहाज फंसे हुए बताए जा रहे हैं।
इनमें कई भारतीय जहाज भी शामिल हैं।ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि कई जहाज सुरक्षा कारणों से खुद ही इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं। उनके मुताबिक यह फैसला शिपिंग कंपनियों का है और इसका सीधा संबंध ईरान की ओर से लगाए गए किसी नए प्रतिबंध से नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अब भी कुछ टैंकर और जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजर रहे हैं।दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर समुद्री रास्ते में जहाजों की आवाजाही को रोका गया तो ईरान के तेल ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।
ट्रंप पहले ही ईरान के अहम तेल केंद्र खर्ग द्वीप पर हमले की घोषणा कर चुके हैं।उन्होंने यह भी कहा कि कई देश इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित और खुला बनाए रखने के लिए अपने युद्धपोत भेज सकते हैं। उनके मुताबिक चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश इस दिशा में कदम उठा सकते हैं ताकि व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
ईरान के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि रूस और चीन उसके रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों देशों के साथ सैन्य सहयोग पहले से जारी है।गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यह ईरान और ओमान के बीच स्थित है और सबसे संकरी जगह पर इसकी चौड़ाई करीब 33 किलोमीटर है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव या अवरोध पूरी दुनिया के तेल बाजार और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

