Home International News आखिर ईरान में महिला और पुरुषों के अलग-अलग नियम क्यों है?

आखिर ईरान में महिला और पुरुषों के अलग-अलग नियम क्यों है?

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आखिर ईरान में महिला और पुरुषों के अलग-अलग नियम क्यों है?

इन दिनों ईरान दुनिया भर में युद्ध और भू-राजनीतिक तनावों के कारण चर्चा में है, लेकिन इस देश की आंतरिक व्यवस्था भी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। ईरान में महिलाओं और पुरुषों के लिए कई सामाजिक और कानूनी नियम अलग-अलग हैं, जो वहां की धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े हुए हैं।ईरान की शासन प्रणाली में इस्लामिक कानूनों का गहरा प्रभाव है।

यही कारण है कि कई मामलों में पुरुषों और महिलाओं के अधिकारों तथा जिम्मेदारियों में अंतर देखने को मिलता है। यह फर्क सिर्फ सामाजिक जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि नौकरी, रिटायरमेंट और पेंशन जैसी व्यवस्थाओं में भी दिखाई देता है।साल 2023 में ईरान ने अपने श्रम कानूनों में बदलाव करते हुए रिटायरमेंट से जुड़े नियमों में संशोधन किया। नए नियमों के तहत पुरुषों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल कर दी गई, जबकि महिलाओं के लिए यह सीमा 55 साल तय की गई है।

इसके साथ ही पूरी पेंशन पाने के लिए लंबे समय तक सामाजिक सुरक्षा कर (सोशल सिक्योरिटी टैक्स) जमा करना जरूरी है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति 20 साल की उम्र में नौकरी शुरू करता है, तो उसे करीब 42 साल तक योगदान देना पड़ता है ताकि वह रिटायरमेंट के समय पूरी पेंशन का लाभ ले सके।ईरान की सत्ता संरचना भी इस व्यवस्था को काफी प्रभावित करती है।

देश में सर्वोच्च अधिकार सुप्रीम लीडर के पास होता है, जिनके पास कई महत्वपूर्ण निर्णयों को बदलने या उन पर अंतिम फैसला देने की शक्ति होती है। सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड जैसे अहम संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति और सेवा अवधि को लेकर भी अंतिम निर्णय उन्हीं के अधिकार क्षेत्र में आता है।इसके अलावा, पारिवारिक कानूनों में भी पुरुषों को कई मामलों में प्राथमिकता मिलती है। तलाक, बच्चों की कस्टडी और विरासत जैसे मामलों में पुरुषों का अधिकार अपेक्षाकृत अधिक माना जाता है।

विरासत के नियमों के अनुसार महिलाओं को अक्सर पुरुषों की तुलना में कम हिस्सा मिलता है।विवाह से जुड़े कानून भी चर्चा का विषय रहे हैं। ईरान में लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 13 साल तय की गई है, और कुछ परिस्थितियों में अभिभावक की सहमति से इससे कम उम्र में भी विवाह संभव हो सकता है।इन सभी नियमों से यह स्पष्ट होता है कि आधुनिक विकास के बावजूद ईरान की सामाजिक और कानूनी व्यवस्था पर पारंपरिक धार्मिक विचारों का मजबूत प्रभाव बना हुआ है।

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