गौतम गंभीर के प्रेरक संबोधन के बाद मिली पहली इंडिया कैप, तिलक वर्मा ने पहनाई डेब्यू कैप, समस्तीपुर के लाल ने बनाया नया रिकॉर्ड
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पल उस समय आया जब महज 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया के लिए पदार्पण किया। बिहार के समस्तीपुर के इस युवा बल्लेबाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखते ही इतिहास रच दिया और भारत के सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए।
मैच शुरू होने से पहले टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों को प्रेरणादायक संबोधन दिया। इसके बाद युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने वैभव सूर्यवंशी को उनकी पहली टीम इंडिया कैप सौंपी। कैप मिलने के बाद साथी खिलाड़ियों ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी, जिससे ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहद भावुक और यादगार बन गया।
IPL से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का शानदार सफर
वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और विस्फोटक स्ट्रोक्स से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली।
हालांकि, कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना था कि उन्हें इससे पहले ही पदार्पण का मौका मिल जाना चाहिए था। आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मुकाबलों और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिल सकी थी। आखिरकार दूसरे टी20 में उन्हें डेब्यू का अवसर मिला।
भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बने
15 वर्ष, 3 महीने और 7 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं।
इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने वर्ष 2019 में 15 वर्ष 239 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।
वहीं पुरुष क्रिकेट में वैभव ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। सचिन ने 16 वर्ष की आयु में भारत के लिए पदार्पण किया था और तीन दशक से अधिक समय तक यह रिकॉर्ड कायम रहा।
बिहार के लिए गर्व का क्षण
समस्तीपुर के युवा बल्लेबाज की यह उपलब्धि बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गई है। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि वैभव सूर्यवंशी अपनी प्रतिभा और निडर बल्लेबाजी के दम पर भारतीय क्रिकेट के भविष्य के बड़े सितारे बनेंगे।
कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले वैभव सूर्यवंशी की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है।

