यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अब दिल्ली में विकास की रफ्तार तेज होगी या नहीं! दिल्ली के यमुना पार इलाके में बुनियादी ढांचे के विकास को तेज करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्रीय विकास बोर्ड की हालिया बैठक में सड़कों, सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम से जुड़ी परियोजनाओं के लिए लगभग 700 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इस क्षेत्र के लिए विकास योजनाओं में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
क्या दिए गए निर्देश?
बैठक में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि परियोजनाओं को स्थानीय जरूरतों के आधार पर प्राथमिकता दी जाए। फोकस केवल सौंदर्यीकरण पर नहीं, बल्कि रोजमर्रा की समस्याओं — जैसे जलभराव, टूटी सड़कें, जल निकासी और सुरक्षित यातायात — के समाधान पर रहेगा।सरकार की ओर से कहा गया कि ट्रांस-यमुना क्षेत्र आबादी के लिहाज से बड़ा हिस्सा है, इसलिए यहां संतुलित और तेज विकास जरूरी है। जिन मार्गों और इलाकों से रोज बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं, वहां त्वरित मरम्मत और उन्नयन कार्य शुरू करने पर जोर दिया गया है।बोर्ड से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र के विधायकों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को शामिल करते हुए योजनाओं की सूची तैयार की गई है और स्वीकृत प्रोजेक्ट्स पर जल्द काम शुरू कराया जाएगा। उनका मानना है कि बोर्ड के सक्रिय होने से स्थानीय स्तर पर लंबित कार्यों को अलग फंडिंग सपोर्ट मिलेगा।राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बोर्ड के दोबारा सक्रिय होने से पूर्वी दिल्ली के इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की रफ्तार बढ़ सकती है और छोटे-बड़े विकास कार्यों के लिए प्रक्रिया तेज होगी।

