Home International News आखिर अमेरिका से सीधी बातचीत क्यों नहीं करना चाहता ईरान?

आखिर अमेरिका से सीधी बातचीत क्यों नहीं करना चाहता ईरान?

0
आखिर अमेरिका से सीधी बातचीत क्यों नहीं करना चाहता ईरान?

मिडिल ईस्ट में तनाव कुछ कम होने के बाद इस्लामाबाद में कूटनीतिक हलचल फिर तेज हो गई है। पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी, लेकिन अब दूसरा प्रयास शुरू होने जा रहा है। व्हाइट हाउस ने जानकारी दी है कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर 20 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान पहुंचेंगे।

हालांकि, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के दौरे को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।इसी बीच ईरान ने अमेरिका के साथ सीधे बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस स्थिति में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की। इस बातचीत में क्षेत्रीय हालात और शांति की संभावनाओं पर चर्चा हुई। शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के नेताओं से हुई अपनी हालिया बातचीत का भी जिक्र किया, जिसका उद्देश्य युद्ध प्रभावित क्षेत्र में स्थिरता लाना है।

ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि इसकी वजह अमेरिका की “अत्यधिक और अनुचित मांगें” हैं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका बार-बार अपनी शर्तें बदलता है और अलग-अलग बयान देता है, जिससे भरोसा बन पाना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरानी बंदरगाहों के पास अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी को भी ईरान ने युद्धविराम के खिलाफ बताया है।अब सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान, ईरान को बातचीत के अगले दौर में शामिल होने के लिए राजी कर पाएगा।

पहले दौर में भले ही कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, लेकिन अमेरिका और ईरान दोनों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना की थी। इसके बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर का तेहरान दौरा भी हुआ, जिससे यह साफ है कि पाकिस्तान इस मुद्दे में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना के C-17 ग्लोबमास्टर III विमान रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं। एयरपोर्ट से रेड जोन तक जाने वाले रास्तों पर अस्थायी रोक लगाई गई है। साथ ही, सेरेना और मैरियट जैसे बड़े होटलों को खाली कराया जा रहा है और नई बुकिंग भी रोक दी गई है। उल्लेखनीय है कि पहले दौर की बातचीत सेरेना होटल में ही हुई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here