2024 में नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों से पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने विभागों में लागू किए गए नीतिगत और प्रशासनिक बदलावों की जानकारी व्यवस्थित रूप से साझा करें।
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया है कि सुधारों का आम लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ा, इसे स्पष्ट रूप से बताया जाए। मंत्रालयों से यह अपेक्षा की गई है कि वे यह दर्शाएं कि नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन से जनता को किस प्रकार लाभ मिला, सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में क्या बदलाव आया, तथा पारदर्शिता और जवाबदेही के स्तर पर क्या सुधार हुआ।
सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक मंत्री को अपने मंत्रालय के प्रमुख सुधारों पर एक विस्तृत प्रस्तुति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रस्तुति में सुधारों की पृष्ठभूमि, उद्देश्य, लागू करने की प्रक्रिया, सामने आई चुनौतियां, उनके समाधान और प्राप्त परिणामों का तथ्यात्मक विवरण शामिल होगा। साथ ही, सुधारों के प्रभाव को आंकड़ों और उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट करने पर भी जोर दिया गया है।प्रधानमंत्री ने संकेत दिया है कि सरकार की प्राथमिकता केवल नई नीतियां बनाना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम सुनिश्चित करना है।
इसी उद्देश्य से मंत्रालयों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी, ताकि शासन व्यवस्था को अधिक जन-केंद्रित, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।बताया जा रहा है कि हालिया कैबिनेट बैठक के बाद से ही मंत्रालयों ने अपने-अपने विभागों में किए गए सुधारों की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है। यह समीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें केवल फैसलों का उल्लेख नहीं होगा, बल्कि उनके वास्तविक सामाजिक प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।

