इस्लामाबाद में शनिवार (11 अप्रैल) को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला दौर आयोजित हुआ। इस बैठक में दोनों देशों ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की सुरक्षा और लेबनान में जारी तनाव शामिल रहे।हालांकि, शुरुआती बातचीत में किसी भी बड़े मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
बातचीत की शुरुआत में ही ईरान ने अमेरिका के सामने अपनी कुछ शर्तें रख दीं, जिससे चर्चा थोड़ी जटिल हो गई।पहले चरण के अंत में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने अपने-अपने मुख्य मुद्दों को लिखित रूप में एक-दूसरे को सौंपा। अब उम्मीद है कि बातचीत का अगला दौर जल्द ही जारी रहेगा।इस बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया।
खास बात यह रही कि अमेरिका और ईरान के बीच यह सीधी उच्च-स्तरीय बातचीत थी, क्योंकि आमतौर पर दोनों देश मध्यस्थों के जरिए ही संवाद करते रहे हैं।लेबनान के मुद्दे पर ईरान ने अमेरिका से अपील की कि वह इज़रायल पर दबाव बनाए ताकि वहां सैन्य कार्रवाई रोकी जा सके। लेकिन इस विषय पर भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया।इसी बीच, हिजबुल्लाह के खिलाफ इज़रायल की कार्रवाई क्षेत्र में शांति प्रयासों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि इज़रायल और लेबनान के अधिकारियों की जल्द ही अलग से बातचीत हो सकती है।दूसरी ओर, अमेरिका ने हॉर्मुज क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी नौसेना वहां से बारूदी सुरंगें हटाने के काम में लगी हुई है, ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री यातायात प्रभावित न हो।कुल मिलाकर, बातचीत की शुरुआत जरूर हो गई है, लेकिन अभी किसी ठोस समझौते तक पहुंचने में समय लग सकता है।

