पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर विवादित बयान सामने आया है। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसे देशभर में गहरी संवेदना और आक्रोश के साथ याद किया गया।पाकिस्तान की सरकार में सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने घटना की स्वतंत्र जांच की मांग दोहराई है।
उन्होंने कहा कि यदि भारत पाकिस्तान पर आरोप लगा रहा है, तो उसे इसके समर्थन में ठोस और विश्वसनीय सबूत पेश करने चाहिए। उनका यह भी कहना था कि पाकिस्तान खुद को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक जिम्मेदार भागीदार मानता है।पाकिस्तानी पक्ष का दावा है कि आतंकवाद एक जटिल मुद्दा है और इसे केवल बाहरी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के मामलों में किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।
दूसरी ओर, भारत में इस हमले को एक सुनियोजित आतंकी साजिश के रूप में देखा जाता है, जिसमें सीमा पार से समर्थन मिलने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। सुरक्षा बलों ने हमले के बाद व्यापक कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया और कई ठिकानों को निशाना बनाया।यह घटना आज भी भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव का एक बड़ा कारण बनी हुई है। बरसी के मौके पर जहां एक तरफ पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।

