नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप के रोमांचक फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर विश्व फुटबॉल का खिताब अपने नाम कर लिया। मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमें निर्धारित 90 मिनट तक गोल नहीं कर सकीं। आखिरकार अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) के 106वें मिनट में फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को विश्व चैंपियन बना दिया।
फाइनल मुकाबले के बाद सबसे अधिक चर्चा स्पेन को मिली रिकॉर्ड इनामी राशि की हो रही है। विश्व विजेता बनने के साथ ही स्पेन को करीब 481 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली। यह रकम इतनी बड़ी है कि इसकी तुलना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की अनुमानित नेटवर्थ से भी की जा रही है, जिसे लगभग 400 से 600 करोड़ रुपये के बीच बताया जाता है।
अर्जेंटीना को भी मिला करोड़ों का पुरस्कार
फाइनल में उपविजेता रही अर्जेंटीना भी पुरस्कार राशि के मामले में पीछे नहीं रही। लियोनेल मेसी की टीम को करीब 318 करोड़ रुपये का इनाम मिला। खिताब भले ही स्पेन के नाम रहा, लेकिन अर्जेंटीना को भी शानदार प्रदर्शन का बड़ा आर्थिक पुरस्कार प्राप्त हुआ।
तीसरे और चौथे स्थान की टीमों पर भी हुई धनवर्षा
तीसरे स्थान पर रहने वाली इंग्लैंड की टीम को 280 करोड़ रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि मिली, जबकि चौथे स्थान पर रही फ्रांस की टीम को करीब 260 करोड़ रुपये का इनाम दिया गया। इससे स्पष्ट है कि फीफा विश्व कप में शीर्ष चार टीमों को भी बड़ी आर्थिक सहायता मिलती है।
पिछले 16 वर्षों में इनामी राशि में बड़ा इजाफा
फीफा विश्व कप की पुरस्कार राशि में पिछले डेढ़ दशक के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2010 तक विश्व विजेता टीम को लगभग 290 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलता था, जबकि अब यह बढ़कर 481 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी पिछले 16 वर्षों में विजेता टीम की इनामी राशि में लगभग 200 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फुटबॉल की वैश्विक लोकप्रियता, प्रसारण अधिकारों से बढ़ती आय और व्यावसायिक विस्तार को देखते हुए आने वाले वर्षों में फीफा विश्व कप की पुरस्कार राशि में और वृद्धि हो सकती है।

