जयपुर। दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में शामिल फीफा विश्व कप फाइनल के वैश्विक उत्साह को पर्यटन प्रचार के प्रभावी अवसर में बदलते हुए राजस्थान पर्यटन विभाग ने जयपुर की ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित एक विशेष डिजिटल फिल्म जारी की है। यह रचनात्मक पहल न केवल सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रही है, बल्कि इसके माध्यम से ‘पधारो म्हारे देश’ का संदेश देश-विदेश के लाखों दर्शकों तक पहुंच रहा है।
करीब 90 सेकंड की इस सिनेमाई फिल्म में गुलाबी नगरी जयपुर की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को आधुनिक खेल भावना के साथ अनूठे अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म की शुरुआत जयपुर की प्रसिद्ध गुलाबी गलियों से होती है और इसके बाद हवा महल, आमेर किला, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय, सिटी पैलेस तथा यूनेस्को विश्व धरोहर जंतर-मंतर जैसे ऐतिहासिक स्थलों के बीच स्थानीय फुटबॉल खिलाड़ी खेलते हुए दिखाई देते हैं।
फिल्म में फुटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि राजस्थान की जीवंत संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और युवा ऊर्जा को जोड़ने वाले प्रतीक के रूप में उभरता है। यह संदेश देती है कि यदि वैश्विक खेल आयोजनों को स्थानीय सांस्कृतिक पहचान के साथ जोड़ा जाए तो पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने की नई रणनीति
राजस्थान पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़ ने कहा कि फीफा विश्व कप फाइनल दुनिया के सबसे अधिक देखे जाने वाले खेल आयोजनों में से एक है। ऐसे अवसर पर जयपुर की विश्वविख्यात धरोहरों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करना राजस्थान की वैश्विक पर्यटन ब्रांडिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आज पर्यटन प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं और इनके जरिए विशेष रूप से युवा वर्ग तथा विदेशी पर्यटकों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत होती पहचान
रियाड़ ने बताया कि राजस्थान पर्यटन विभाग की डिजिटल रणनीति लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाखों लोग जुड़े हुए हैं। इंस्टाग्राम पर 6.42 लाख, फेसबुक पर 6.39 लाख, एक्स (पूर्व ट्विटर) पर 2.08 लाख तथा यूट्यूब पर 1.27 लाख से अधिक फॉलोअर्स राजस्थान की पर्यटन सामग्री से नियमित रूप से जुड़ रहे हैं।
इन प्लेटफॉर्म्स पर राजस्थान के किले, महल, वन्यजीव, धार्मिक स्थल, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक खान-पान, मेले और उत्सवों से जुड़ी आकर्षक एवं प्रमाणिक सामग्री लगातार साझा की जाती है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही है।
सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं, संपूर्ण अनुभव का प्रचार
पर्यटन विभाग अब केवल दर्शनीय स्थलों के प्रचार तक सीमित नहीं है। डिजिटल अभियानों के माध्यम से होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म टूरिज्म, नई पर्यटन नीतियों और राज्य में आयोजित होने वाले विशेष आयोजनों की जानकारी भी पर्यटकों तक पहुंचाई जा रही है।
उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल फिल्मों, पेशेवर फोटोग्राफी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के सहयोग और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से जुड़े विशेष अभियानों को विभाग की आधुनिक ब्रांडिंग रणनीति का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है।
खेल और पर्यटन का नया संगम
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि ओलंपिक, फीफा विश्व कप और अन्य वैश्विक खेल आयोजनों का उपयोग पर्यटन प्रचार के लिए करना आज विश्वभर में तेजी से लोकप्रिय रणनीति बन चुका है। राजस्थान पर्यटन विभाग की यह पहल भी उसी दिशा में एक अभिनव प्रयास है, जिसमें खेल, संस्कृति और डिजिटल स्टोरीटेलिंग का प्रभावी समन्वय देखने को मिलता है।
यूनेस्को विश्व धरोहर शहर जयपुर को फीफा विश्व कप फाइनल जैसे वैश्विक आयोजन से जोड़कर तैयार की गई यह डिजिटल फिल्म यह संदेश देती है कि राजस्थान केवल ऐतिहासिक स्मारकों का प्रदेश नहीं, बल्कि परंपरा, आधुनिकता और रचनात्मकता का अद्भुत संगम भी है।
राज्य सरकार तथा उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के नेतृत्व में राजस्थान पर्यटन विभाग आधुनिक तकनीक, डिजिटल संचार और नवाचार आधारित प्रचार अभियानों के माध्यम से राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

