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‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर प्रधानमंत्री मोदी की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, नागरिक कल्याण और समग्र विकास पर दिया जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में प्रभावी क्रियान्वयन, मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी सुधारों का केंद्र नागरिकों का कल्याण होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किए गए सुधार ही वास्तविक परिवर्तन लाते हैं और देश को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में गति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सुधारों का उद्देश्य केवल सरकारी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

प्रधानमंत्री ने तेजी से बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप शासन व्यवस्था (गवर्नेंस) को अधिक सक्षम, लचीला और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से उभरती आवश्यकताओं की समय रहते पहचान करने और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने ‘समग्र सरकार’ (Whole of Government) की अवधारणा को विकसित भारत की सफलता के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि सभी मंत्रालयों और विभागों को साझा लक्ष्य के साथ मिलकर कार्य करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का संकल्प केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बनना चाहिए, जिसकी सबसे बड़ी शक्ति देश का युवा वर्ग होगा।

नशामुक्त युवा और बेहतर समन्वय पर जोर

प्रधानमंत्री ने युवाओं में बढ़ते नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को गंभीर चुनौती बताते हुए इससे निपटने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और संस्थागत व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़ी योजनाओं में अलग-अलग विभागों के बीच सहयोग बढ़ाने से अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

भारत को वैश्विक खेल केंद्र बनाने का लक्ष्य

बैठक में खेल क्षेत्र पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने एकीकृत खेल विकास नीति अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि खेल पर्यटन तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है और भारत को बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार होना चाहिए। साथ ही उन्होंने खेल क्षेत्र में स्टार्टअप्स, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कृषि और कौशल विकास पर विशेष फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम कुसुम योजना जैसी पहल को किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर अपनाने से कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव संभव हैं। उन्होंने कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित सुधारों को गति देने की आवश्यकता बताई।

इसके साथ ही उन्होंने भविष्य की वैश्विक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अवसरों और बदलती आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करना विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सचिवों ने साझा किए अनुभव और सुझाव

बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही प्रमुख पहलों, चुनौतियों और सुधारों से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने भी भविष्य की कार्ययोजना को लेकर अपने सुझाव और विजन प्रस्तुत किए। बैठक में सभी क्षेत्रों में प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर समन्वय और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में तेज़ प्रगति सुनिश्चित करने पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में कैबिनेट सचिव, विभिन्न प्रमुख मंत्रालयों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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