नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार व्यापक सुधारों की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित बदलावों के तहत एनटीए की परीक्षा प्रणाली को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा, ताकि पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
नीट-यूजी पेपर लीक प्रकरण के बाद उठे देशव्यापी विरोध और संसद में हुई बहस के बीच सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की प्रक्रिया तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निगरानी में एनटीए द्वारा आयोजित सभी राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए ‘शून्य त्रुटि’ (Zero Error) प्रणाली विकसित करने पर काम किया जा रहा है।
37 हजार से अधिक सुझावों के आधार पर तैयार हो रहा खाका
सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे सुधारों के प्रारूप में राधाकृष्णन समिति के समक्ष छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से प्राप्त 37,000 से अधिक सुझावों को शामिल किया गया है। इन सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं।
सीबीटी से सीएटी प्रणाली की ओर बढ़ेगा कदम
प्रस्तावित सुधारों के तहत वर्तमान कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) प्रणाली को भविष्य में चरणबद्ध तरीके से कंप्यूटर अडैप्टिव टेस्ट (CAT) प्रणाली में बदलने पर विचार किया जा रहा है। इस प्रणाली में परीक्षार्थी के उत्तरों के आधार पर अगले प्रश्नों का स्तर निर्धारित होता है, जिससे परीक्षा अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष और सुरक्षित मानी जाती है।
सरकारी संस्थानों में ही बनेंगे परीक्षा केंद्र
परीक्षा केंद्रों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सरकार भविष्य में केवल सरकारी शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाने पर भी विचार कर रही है। इससे परीक्षा संचालन पर बेहतर नियंत्रण रहेगा और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
प्रस्तावित व्यवस्था में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करने का प्रावधान भी शामिल किया जा रहा है। यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
सरकार का मानना है कि इन सुधारों से राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी, अभ्यर्थियों का विश्वास बढ़ेगा तथा भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना को काफी हद तक समाप्त किया जा सकेगा। परीक्षा संचालन में आधुनिक तकनीक, कड़ी निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था के माध्यम से एनटीए की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

