नई दिल्ली। NEET परीक्षा, पेपर लीक के आरोपों और संसद में गतिरोध को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म है। एक ओर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष पर युवाओं की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने और चर्चा से बचने का आरोप लगाया है।
‘सरकार चर्चा चाहती है, विपक्ष पीछे हट रहा है’ : गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने युवाओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कुछ लोग उनकी भावनाओं को भड़काकर आंदोलन को राजनीतिक दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार NEET सहित परीक्षा संबंधी मुद्दों पर संसद में चर्चा चाहती है और इसके लिए पूरी तरह तैयार भी है। उनके अनुसार, अब विपक्ष ही चर्चा से बच रहा है और देश इस व्यवहार को देख रहा है।
‘युवाओं के भविष्य के लिए सरकार प्रतिबद्ध’ : अनुराग ठाकुर
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह युवाओं के आंदोलन का राजनीतिकरण करने के बजाय समाधान पर सहयोग करे। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी लगातार युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहे हैं।
‘विपक्ष चर्चा से भाग रहा है’ : ललन सिंह
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने विपक्ष के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि विपक्ष ने शुरुआत में संसद में चर्चा की मांग की थी, लेकिन जब सरकार ने चर्चा के लिए सहमति दे दी तो अब वह नई-नई शर्तें रख रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संसद में चर्चा कभी शर्तों के आधार पर होती है। उनके अनुसार, विपक्ष को आशंका है कि तथ्य सामने आने पर उसका पक्ष कमजोर पड़ जाएगा।
‘कड़े कानून की जरूरत’ : निशिकांत दुबे
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि पेपर लीक के दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि संसद में इस विषय पर चर्चा होने दी जाए, तो निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए सख्त कानून की तर्ज पर पेपर लीक के मामलों में भी कठोर दंड का प्रावधान किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों के हितों से अधिक राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान दे रहा है।
युवाओं के भविष्य पर केंद्रित बहस की जरूरत
NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने लाखों अभ्यर्थियों की चिंताओं को बढ़ाया है। ऐसे में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का विषय बना हुआ है। सरकार की ओर से संसद में चर्चा, फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानूनी प्रावधानों की बात की जा रही है, जबकि विपक्ष भी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संसद में इस मुद्दे पर सार्थक चर्चा होती है या नहीं, और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय तथा निष्पक्ष बनाने के लिए आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

