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आईआईटीयन देश के विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के सुझाव दें, आम लोगों की समस्याओं का समाधान खोजें: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने आईआईटीयन से देश के विभिन्न क्षेत्रों में सुधार संबंधी सुझाव देने और आम लोगों की समस्याओं के समाधान खोजने में सक्रिय योगदान करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार हर क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ा रही है और इस दिशा में आईआईटीयन का अनुभव देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

शनिवार को नई दिल्ली स्थित Indian Institute of Technology Delhi में पैन आईआईटी एलुमनाई इंडिया द्वारा आयोजित पुस्तक “IIT – The Story of India’s Most Prestigious Educational Ecosystem” के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आईआईटीयन के अनुभवों का लाभ संसद की स्थायी समितियों को भी मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा, “आप सभी अपने व्यापक अनुभव के आधार पर आम नागरिकों के सामने आने वाली चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। संसद की स्थायी समितियों को यह समझने में मदद मिलनी चाहिए कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है और उन्हें किस दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।”

75 वर्षों की आईआईटी यात्रा का उत्सव

दुनिया भर के 23 आईआईटी संस्थानों के पांच लाख से अधिक पूर्व छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले Pan IIT Alumni India ने आईआईटी पारिस्थितिकी तंत्र के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पैनआईआईटी बुक क्लब की शुरुआत की तथा अपनी पहली पुस्तक “IIT: The Story of India’s Most Prestigious Educational Ecosystem” का विमोचन किया। इस पुस्तक के लेखक पैन आईआईटी एलुमनाई इंडिया के अध्यक्ष प्रभात कुमार (आईआरएस) हैं।

इस अवसर पर देश-विदेश से आए 400 से अधिक प्रतिष्ठित आईआईटी पूर्व छात्र, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, छात्र और उद्यमी उपस्थित रहे।

चुनौतियों के समाधान का केंद्र बने हैं आईआईटी

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब भी देश किसी बड़ी चुनौती का सामना करता है, उसकी निगाहें आईआईटी संस्थानों की ओर उठती हैं। चाहे कोविड-19 महामारी हो, आधारभूत संरचना का विकास, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) या रोबोटिक्स—हर क्षेत्र में आईआईटी ने समाधान उपलब्ध कराए हैं।

उन्होंने आईआईटीयन से आग्रह किया कि वे अपनी दृष्टि और अनुभव से नई पीढ़ी को प्रेरित करें ताकि युवा वर्ग भी आम नागरिकों और छोटे किसानों की समस्याओं के समाधान में योगदान दे सके।

विकसित भारत 2047 के निर्माण में आईआईटी की अहम भूमिका

कार्यक्रम में विशेष संबोधन देते हुए गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग के सचिव Rajendra Kumar ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में आईआईटी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए अपने अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आईआईटी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

बौद्धिक विमर्श और नवाचार को मिलेगा नया मंच

समारोह का एक महत्वपूर्ण आकर्षण पैनआईआईटी बुक क्लब का शुभारंभ रहा। इसे आईआईटीयन की साहित्यिक, बौद्धिक और शोधपरक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने वाले मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। क्लब की पहली पुस्तक आईआईटी पारिस्थितिकी तंत्र के 75 वर्षों की यात्रा और भारत के विकास में उसके योगदान का विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत करती है।

कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध) देवेश श्रीवास्तव, गौतम कुमरा, रवि शंकर, मधुर सिंघल, नीरज कुमार और कपिल माखिजा सहित कई प्रमुख उद्यमियों एवं विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए।

इसके अलावा “Celebrating the IIT Legacy: Shaping the Future of Viksit Bharat” विषय पर आयोजित विशेष पैनल चर्चा में तकनीक, स्टार्टअप, नवाचार और आर्थिक विकास के भविष्य पर विस्तृत मंथन किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को वैश्विक ज्ञान और प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनाने में आईआईटी समुदाय की भूमिका आने वाले वर्षों में और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।

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