उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक हलचल अभी से तेज होती दिखाई दे रही है। अलग-अलग दल संभावित सीटों और उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में वाराणसी की कैंट विधानसभा सीट खास चर्चा में है, जहां राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर पूर्व मंत्री रिबू श्रीवास्तव को प्रभारी नियुक्त किया है।
इस कदम को पार्टी की शुरुआती चुनावी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। वाराणसी कैंट सीट को लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां पार्टी लगातार जीत दर्ज करती रही है।1977 के बाद से इस सीट पर भाजपा का दबदबा बना हुआ है और हर चुनाव में जीत का अंतर भी बढ़ता गया है। वर्तमान में यहां से विधायक सौरभ श्रीवास्तव हैं, जिन्होंने 2022 के चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी। इससे पहले भी उनके परिवार का इस सीट पर प्रभाव रहा है।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी की सक्रियता इस बात का संकेत देती है कि वह इस बार मजबूत चुनौती पेश करने की तैयारी में है। पार्टी का प्रभारी जमीनी स्तर पर काम करते हुए मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुटा हुआ है।वहीं, कांग्रेस पार्टी भी आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति तैयार कर रही है। यदि गठबंधन की स्थिति बनती है और यह सीट समाजवादी पार्टी के हिस्से में जाती है, तो वर्तमान प्रभारी के उम्मीदवार बनने की संभावना जताई जा रही है।
लेकिन यदि सीट कांग्रेस को मिलती है, तो पार्टी किसी नए या पूर्व उम्मीदवार पर दांव खेल सकती है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इस सीट की स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल इतना तय है कि सभी प्रमुख दल चुनाव को लेकर अभी से सक्रिय हो चुके हैं और मुकाबला दिलचस्प होने के संकेत मिल रहे हैं।

