नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19 और 20 जुलाई को नई दिल्ली के छतरपुर स्थित तेरापंथ भवन में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों और प्रबंध समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद समिति ने चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। इनमें परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती हत्याकांड की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने, संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम तथा श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जन्मशती वर्ष के आयोजन प्रमुख रहे।
परिवार व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर
बैठक में भारतीय परिवार व्यवस्था को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए इसके संरक्षण और सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता पर बल दिया गया। परिषद ने कहा कि भारतीय परिवार प्रणाली ने सदियों से समाज को संस्कारित, संगठित और आत्मीय बनाए रखा है, लेकिन वर्तमान समय में अनेक सामाजिक चुनौतियां इसके सामने खड़ी हैं।
प्रस्ताव में कुछ न्यायिक निर्णयों, जैसे विवाहेत्तर संबंधों, लिव-इन रिलेशनशिप और समलैंगिकता से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इन विषयों पर व्यापक सामाजिक विमर्श के बाद कानून बनाए जाने चाहिए, ताकि पारिवारिक व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों को रोका जा सके। परिषद ने परिवार प्रबोधन और पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण के लिए देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय भी लिया।
स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती हत्याकांड की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
केंद्रीय प्रबंध समिति ने ओडिशा के कंधमाल में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की जांच के लिए गठित आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने पर चिंता व्यक्त की। परिषद ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट सामने आनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही ओडिशा में धर्मांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की गई।
संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर होंगे विशेष कार्यक्रम
बैठक में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्मशती के अवसर पर विशेष प्रस्ताव पारित किया गया। परिषद ने कहा कि संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता, आध्यात्मिक चेतना और मानव गरिमा के संदेश आज भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
वीएचपी ने उनके विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया।
अशोक सिंघल जन्मशती वर्ष में संगठन विस्तार का संकल्प
बैठक में श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जन्मशती वर्ष को व्यापक स्तर पर मनाने का भी निर्णय लिया गया। परिषद ने बताया कि 27 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले जन्मशती वर्ष के दौरान उनके जीवन, विचारों और हिंदू समाज के लिए किए गए योगदान को देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
परिषद ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को मजबूत नेतृत्व देने वाले अशोक सिंघल जी ने हिंदू जागरण, सामाजिक समरसता, गौसंरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जन्मशती वर्ष के दौरान संगठनात्मक विस्तार पर विशेष ध्यान देते हुए एक करोड़ हितचिंतकों को जोड़ने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया।
राष्ट्रहित और सनातन मूल्यों की रक्षा का संकल्प
बैठक के समापन पर विश्व हिंदू परिषद ने हिंदू समाज को संगठित करने, सनातन मूल्यों के संरक्षण, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया। परिषद ने कहा कि आने वाले समय में इन प्रस्तावों के अनुरूप देशभर में विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम और जनजागरण अभियान संचालित किए जाएंगे।

