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राष्ट्रवाद की लौ प्रज्ज्वलित करता रहेगा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और देश की एकता एवं अखंडता के लिए संघर्ष करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (Shyama Prasad Mukherjee) के बलिदान दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रनायक को नमन किया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, बलदेव सिंह औलख, विधायक नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी तथा भाजपा नेता नीरज सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. मुखर्जी के चित्र और प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके विचारों और बलिदान को याद किया। अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि “एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान, नहीं चलेंगे” का उद्घोष करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रहित के प्रति समर्पण और संघर्ष का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए डॉ. मुखर्जी द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार और उनके द्वारा दिखाया गया मार्ग आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान प्रत्येक देशवासी के हृदय में राष्ट्रवाद की लौ को निरंतर प्रज्ज्वलित करता रहेगा और उनके आदर्श विकसित, सशक्त एवं अखंड भारत के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन देते रहेंगे।

गौरतलब है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारतीय जनसंघ के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। जम्मू-कश्मीर में एक देश, एक विधान और एक निशान के सिद्धांत को लेकर उनका संघर्ष भारतीय राजनीति और राष्ट्रवादी विचारधारा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।

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