रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल घोषित कर दिया है। आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे सरकार से बातचीत पूरी तैयारी के साथ करेंगे, लेकिन वार्ता पारदर्शी और सार्वजनिक होनी चाहिए।
छात्रों की ओर से जारी सूची के अनुसार प्रतिनिधिमंडल में रविन्द्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविन्द्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार के समक्ष आंदोलन से जुड़ी सभी मांगें, तथ्य और सुझाव केवल यही छात्र प्रतिनिधि रखेंगे।
आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह छात्रों का है और इसकी आवाज भी छात्र ही होंगे। इसलिए सरकार के साथ होने वाली बातचीत में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आंदोलन का पक्ष नहीं रखा जाएगा। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल में कुछ पत्रकारों और कानूनविदों को केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में शामिल किया गया है।
राहुल गांधी ने जताया समर्थन
इस बीच छात्र आंदोलन को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि झारखंड के छात्र अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और लोगों से उनके आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन देश के विभिन्न हिस्सों में भी देखने को मिल रहे हैं।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने गुरुवार को वीडियो कॉल के माध्यम से आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत भी की।
“राहुल गांधी ने हमारी मांगों का समर्थन किया” : पीयूष कुमार
छात्र नेता पीयूष कुमार ने बातचीत की जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार सहित अपनी प्रमुख मांगों से अवगत कराया। उनके अनुसार राहुल गांधी ने इन मांगों का समर्थन करते हुए भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाएंगे और छात्रों के साथ खड़े हैं।
मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन
छात्र नेता रविन्द्र पासवान ने बताया कि राहुल गांधी ने आंदोलन की स्थिति और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि छात्रों ने उनसे आग्रह किया कि चूंकि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन सरकार का हिस्सा है, इसलिए उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।
रविन्द्र पासवान के अनुसार राहुल गांधी ने छात्रों से उनकी मांगों का विस्तृत विवरण भेजने को कहा और आश्वासन दिया कि वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों की बातचीत कराने का प्रयास करेंगे। छात्रों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करेगी।
पारदर्शी समाधान की मांग
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित कराना है। अब सभी की निगाहें सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं।

