नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के निकट जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने किया, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, पवन खेड़ा सहित कई वरिष्ठ नेता भी इसमें शामिल हुए।
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पार्टी का आरोप है कि हालिया घटनाओं और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार जवाबदेही से बच रही है तथा संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने से भी इनकार कर रही है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों के साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले पर जवाब देना चाहिए और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
यह प्रदर्शन एक दिन पहले हुए ‘चलो संसद’ मार्च के बाद आयोजित किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें कई लोग घायल हुए।
प्रदर्शन में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल हुए। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं की आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध बताया।
वहीं, प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने लोक कल्याण मार्ग के आसपास विरोध कर रहे कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस की कार्रवाई के बीच कांग्रेस नेताओं ने अपना विरोध जारी रखा और सरकार से मामले पर जवाब देने तथा संसद में चर्चा कराने की मांग दोहराई।
कांग्रेस का कहना है कि उसका आंदोलन कथित अनियमितताओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में है, जबकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

