मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत कर दिया है, जिससे ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी ऑपरेशन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, USS ट्रिपोली युद्धपोत के साथ करीब 3,500 मरीन और नाविक क्षेत्र में पहुंच चुके हैं।
इस युद्धपोत पर अत्याधुनिक लड़ाकू संसाधन तैनात हैं, जिनमें सीहॉक हेलीकॉप्टर, ओसप्रे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और F-35 फाइटर जेट शामिल हैं।नई तैनाती के बाद मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों की संख्या लगभग 50,000 तक पहुंच गई है, जो पिछले दो दशकों में सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा माना जा रहा है। इससे पहले भी अमेरिका इस क्षेत्र में दो एयरक्राफ्ट कैरियर और कई युद्धपोत तैनात कर चुका है।
हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से ईरान में जमीनी हमले की संभावना को कम बताया है। उनका कहना है कि मौजूदा रणनीति के तहत बिना ग्राउंड ऑपरेशन के भी सैन्य लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि यह अभियान लंबा नहीं चलेगा और आने वाले कुछ हफ्तों में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल जमीनी सैनिक भेजने की योजना नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।इस बीच, सैन्य तैयारियों और बढ़ती तैनाती ने क्षेत्र में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या हालात आगे और गंभीर रूप ले सकते हैं।

