मुंबई । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर पद्मश्री भजन सम्राट अनुप जलोटा के मुंबई स्थित निवास पर एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर योग, स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में प्रसिद्ध सेलिब्रिटी योगा थेरेपिस्ट शिल्पी चुघ की प्रेरक उपस्थिति ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
योग, प्राणायाम और सकारात्मक जीवनशैली पर केंद्रित इस सत्र में शिल्पी चुघ ने बताया कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि योग तनाव को कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और जीवन में संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब आया जब अनुप जलोटा ने अपने छह दशक लंबे योग अभ्यास के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि एक गायक के लिए मजबूत फेफड़े, बेहतर श्वसन क्षमता और शारीरिक ऊर्जा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यही कारण है कि वे किशोरावस्था से ही नियमित रूप से योग करते आ रहे हैं।
अनुप जलोटा ने कहा, “योग ही मेरी फिटनेस और ऊर्जा का सबसे बड़ा राज़ है। नियमित योग और प्राणायाम की वजह से मैं आज भी लंबे समय तक मंच पर प्रस्तुति देने में सक्षम हूं। योग ने न केवल मेरे स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखा है, बल्कि मेरी गायकी में भी नई ऊर्जा और स्थिरता प्रदान की है।”
उत्साह और सकारात्मकता से भरपूर इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि योग किसी एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवनभर अपनाई जाने वाली ऐसी जीवनशैली है, जो स्वास्थ्य, खुशहाली और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने योग के महत्व को समझते हुए इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।

