आज के दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत का केंद्रीय बजट बता दिया है, जिसके बाद यह सवाल उठने लगा है कि इस बजट से औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर भारत कैसे बनाया जाएगा? बता दे कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि यह बजट भारत को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में कैसे मदद करेगा। सरकार का साफ संकेत है कि आने वाले वर्षों में भारत को सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि एक मजबूत वैश्विक निर्माता के रूप में स्थापित किया जाएगा।करीब ₹54.1 लाख करोड़ के अनुमानित आकार वाले इस बजट में आर्थिक सुधारों को तेज़ी देने के लिए सरकार ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ नाम से एक व्यापक रोडमैप पेश किया है। यह पहल प्रधानमंत्री द्वारा 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए विज़न और उसके बाद गठित विशेषज्ञ समितियों की सिफारिशों पर आधारित है।
राज्यों में सुधारों को उतारने की तैयारी
केंद्र सरकार अब राज्य सरकारों के सहयोग से इन सुधारों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के अंतर्गत 6 प्रमुख जिम्मेदारियां और 7 प्राथमिक सेक्टर तय किए गए हैं, जिनका लक्ष्य भारत की औद्योगिक संप्रभुता को मजबूत करना है।
खनिजों में आत्मनिर्भरता पर ज़ोर
महत्वपूर्ण खनिजों के लिए चीन और अन्य देशों पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रेयर अर्थ एलिमेंट्स के खनन और रिसर्च के लिए चार राज्यों में विशेष कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे:ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु! इन कॉरिडोर्स का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और देश के भीतर रणनीतिक खनिजों की मजबूत सप्लाई चेन तैयार करना है।‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत एमएसएमई सेक्टर को मजबूत कर उन्हें “इंडस्ट्रियल चैम्पियन” बनाने की योजना है। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में आर्थिक ढांचे को सशक्त करने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि शहर विकास और रोजगार के नए केंद्र बन सकें।इस बजट में बायो-फार्मा, सेमीकंडक्टर और एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश का प्रावधान किया गया है। साथ ही रेयर अर्थ जैसे संवेदनशील और रणनीतिक सेक्टर्स में घरेलू क्षमताओं के निर्माण पर जोर दिया गया है।यह संकेत देता है कि सरकार की सोच अब केवल “असेंबली बेस्ड इकॉनमी” तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।बजट 2026 में पेश किया गया ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ भारत को दीर्घकाल में एक आत्मनिर्भर, तकनीक-सक्षम और औद्योगिक रूप से मजबूत राष्ट्र बनाने की रणनीति को दर्शाता है। यह बजट नीतिगत सुधारों, निवेश और घरेलू उत्पादन के जरिए भारत की वैश्विक स्थिति को नई ऊंचाई देने की कोशिश है।

