लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के भ्रमण पर आए कानपुर स्थित सर पदमपत सिंघानिया एजुकेशन सेंटर के छात्र-छात्राओं ने विधानसभा की भव्यता, कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था को करीब से समझा। इस दौरान जब उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विद्यार्थियों से पूछा कि उन्हें विधानसभा कैसी लगी, तो बच्चों ने उत्साहपूर्वक एक स्वर में कहा—“अमेजिंग।”
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि आज का दौर तेजी से बदलती तकनीक का है। वर्तमान में पांचवीं पीढ़ी (5जी) की तकनीक का व्यापक उपयोग हो रहा है और आने वाले समय में तकनीकी बदलाव और तेज होंगे। ऐसे में नई पीढ़ी को ज्ञान, नवाचार और आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल करते हुए स्वयं को निरंतर अपडेट रखना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और जागरूकता ही युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में जैसे-जैसे व्यक्ति आगे बढ़ता है, उसके प्रति अपेक्षाएं भी बढ़ती हैं और कई बार विरोध का सामना भी करना पड़ता है। यदि कोई छात्र पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है तो उसे भी आलोचनाओं या ईर्ष्या का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
सतीश महाना ने कहा कि विधायिका की छवि को लेकर कई बार गलत धारणाएं बना ली जाती हैं, जबकि उत्तर प्रदेश विधानसभा प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों के हितों से जुड़े विषयों पर कार्य करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यप्रणाली, प्रश्नकाल, विभिन्न विधायी प्रक्रियाओं, जनहित के मुद्दों पर होने वाली चर्चाओं और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था, व्यक्ति या व्यवस्था के बारे में बिना पूरी जानकारी के कोई राय नहीं बनानी चाहिए। किसी को केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर गलत ठहराना उचित नहीं है। वास्तविक तथ्यों को समझने के बाद ही निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
लोकतंत्र की मूल भावना पर प्रकाश डालते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है। आज के समय में किसी को डराकर या दबाव बनाकर वोट नहीं लिया जा सकता। चुनाव में सफलता केवल जनता का विश्वास और दिल जीतकर ही प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने विधानसभा की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की भूमिका से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विधानसभा अध्यक्ष ने विस्तार से उत्तर दिया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

