मुंबई : भव्य शादियों, अंतरराष्ट्रीय कॉन्सर्ट और लग्ज़री गाला आयोजित करने के लिए मशहूर इवेंट क्यूरेटर आरती मट्टू ने इस बार अपनी पहचान से अलग एक ऐसा संगीत समारोह सजाया, जिसने भव्यता से अधिक भावनाओं को महत्व दिया। फेयरमोंट होटल में आयोजित उनकी खास ‘घर की महफिल’ ने ग्रैंड बॉलरूम को आत्मीय संगीत, दोस्ती और संस्कृति के उत्सव में बदल दिया। इस यादगार शाम में पद्मश्री डॉ. जसपिंदर नरूला, आकृति कक्कड़, मामे खान, शादाब फरीदी, कुनिका सदानंद सहित संगीत और मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। 24 वर्षों से अधिक समय से मोमेंटम एक्सपीरियंसेज़ एंड इवेंट्स के जरिए यादगार आयोजनों की पहचान बन चुकी आरती मट्टू का मानना है कि संगीत तभी जीवंत होता है, जब उसमें घर जैसा अपनापन हो। मानसून की इस शाम में अचानक हुए जैम सेशन, कश्मीरी व्यंजनों और दिल छू लेने वाली ग़ज़लों ने मेहमानों को यादगार अनुभव दिया। डॉ. जसपिंदर नरूला ने भी ग़ज़ल को नई पीढ़ी से जोड़ने की जरूरत पर ज़ोर देते हुए इसे भारतीय संगीत की आत्मा बताया। यह महफिल साबित करती है कि आरती मट्टू का सबसे बड़ा हुनर सिर्फ़ भव्य आयोजन करना नहीं, बल्कि लोगों के दिलों को संगीत के सुरों से जोड़ना है।
आरती मट्टू ने ‘घर की महफिल’ से छेड़ा दिल का सुर
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