अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है और टीम प्रमुख विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है।
सूत्रों के अनुसार, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले को देखते हुए जांच रिपोर्ट को पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। पीएमओ से आवश्यक अनुमति और दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इस बीच मंदिर प्रशासन में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े कार्यों की निगरानी शुरू कर दी है। वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पदेन सदस्य भी हैं। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल कई प्रशासनिक निर्णयों में जिला प्रशासन की भूमिका बढ़ी है और व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है।
चढ़ावे की गणना और उसके प्रबंधन को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। पारदर्शिता बढ़ाने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए काउंटिंग प्रक्रिया में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था से चढ़ावे के संग्रह और लेखा-जोखा की निगरानी अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।
मामले की जांच पूरी होने और अंतिम रिपोर्ट पर निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं के लिए कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

